देशभर में डाक सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। कम खर्च, भरोसेमंद सेवा और व्यापक नेटवर्क के कारण लोग महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सामान की डिलीवरी के लिए आज भी पोस्ट ऑफिस पर भरोसा करते हैं। अब ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट सेवा से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है।
ये नए नियम 1 अगस्त 2026 से पूरे देश में लागू होंगे। नई व्यवस्था के तहत ‘दस्तावेज’ (Document) और ‘पार्सल’ (Parcel) की अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। इसके अलावा, छह प्रमुख शहरों में 24 घंटे और 48 घंटे की एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की जाएगी, जिससे जरूरी सामान और दस्तावेज पहले से अधिक तेजी से पहुंच सकेंगे।
किन चीजों को माना जाएगा ‘दस्तावेज’?
ग्राहकों की सुविधा के लिए डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वस्तुओं का कोई व्यावसायिक मूल्य नहीं है, उन्हें दस्तावेज श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें शामिल हैं—
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट
- बैंक पासबुक, चेकबुक, वेलकम किट, बैंक स्टेटमेंट
- क्रेडिट और डेबिट कार्ड
- बीमा से जुड़े दस्तावेज
- रक्षाबंधन पर भेजी जाने वाली 500 ग्राम तक की गैर-व्यावसायिक राखी वाले लिफाफे
- छोटे दस्तावेजी पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड
किन वस्तुओं को माना जाएगा ‘पार्सल’?
जिन वस्तुओं का व्यावसायिक या भौतिक मूल्य है, उन्हें पार्सल श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- इलेक्ट्रॉनिक सामान
- मोबाइल फोन
- कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स
- गिफ्ट आइटम
- अन्य भारी या मूल्यवान सामान
स्पीड पोस्ट की नई दरें क्या होंगी?
डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिटेल ग्राहकों के लिए मौजूदा स्पीड पोस्ट शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, बड़ी संख्या में दस्तावेज भेजने वाले बल्क ग्राहकों के लिए नई दरें लागू की गई हैं।
रिटेल ग्राहकों के लिए स्पीड पोस्ट की अनुमानित दरें इस प्रकार रहेंगी—
- 50 ग्राम तक: स्थानीय डिलीवरी के लिए ₹38 और देश के अन्य हिस्सों में भेजने के लिए ₹94
- 51 ग्राम से 250 ग्राम: ₹118 से ₹154 प्रति लेख
- 251 ग्राम से 500 ग्राम: ₹140 से ₹186 प्रति लेख
एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट की नई फीस
तेज डिलीवरी सेवा के तहत ग्राहकों को निम्नलिखित शुल्क देना होगा—
- 24 घंटे स्पीड पोस्ट: ₹38 से ₹100 प्रति लेख
- 48 घंटे स्पीड पोस्ट: ₹48 से ₹72 प्रति लेख
ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
डाक विभाग का मानना है कि दस्तावेज और पार्सल की अलग-अलग श्रेणियां तय होने से ग्राहकों के लिए सही सेवा चुनना आसान होगा। साथ ही शुल्क को लेकर होने वाली भ्रम की स्थिति भी खत्म होगी। नई एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा शुरू होने से जरूरी दस्तावेज और सामान पहले से कम समय में गंतव्य तक पहुंचाए जा सकेंगे।