लाइफस्टाइल डेस्क, मध्यप्रदेश। भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, तनाव और व्यस्त शेड्यूल के कारण कई बार अचानक सिर घूमने, चक्कर आने या नजर धुंधली होने जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। ज्यादातर लोग इसे कमजोरी या थकावट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार ये लक्षण शरीर के अंदर किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
न्यूरोसर्जन डॉ. अमितेश दुबे के मुताबिक, अचानक चक्कर आना या आंखों के सामने धुंधलापन महसूस होना दिमाग और नसों से जुड़ी कुछ समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ऐसे लक्षणों को हल्के में लेने से बचना चाहिए।
न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं ये लक्षण
डॉ. अमितेश दुबे के अनुसार, अचानक आने वाले चक्कर और धुंधली दृष्टि के पीछे कई न्यूरोलॉजिकल कारण हो सकते हैं। इनमें माइग्रेन, वेस्टिबुलर डिसऑर्डर (शरीर का संतुलन नियंत्रित करने वाली प्रणाली में गड़बड़ी) और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
माइग्रेन के कुछ मामलों में तेज सिरदर्द के साथ चक्कर आना, आंखों के सामने चमकती रोशनी दिखाई देना या धुंधलापन महसूस होना आम है। वहीं, अगर किसी व्यक्ति को पहले सिर में गंभीर चोट लगी हो, तो भविष्य में भी उससे जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
चक्कर आने के पीछे हो सकते हैं सामान्य कारण भी
हर बार चक्कर आने की वजह दिमाग या नसों से जुड़ी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार इसके पीछे शरीर से जुड़े सामान्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
अचानक बैठने की स्थिति से खड़े होने पर ब्लड फ्लो में बदलाव के कारण आंखों के आगे अंधेरा छा सकता है। इसके अलावा लो ब्लड प्रेशर, शरीर में खून की कमी (एनीमिया) और पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी चक्कर आने की आम वजहें हो सकती हैं।
अचानक चक्कर आए तो तुरंत करें ये काम
विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर अचानक सिर घूमने लगे या आंखों के सामने अंधेरा छाने लगे, तो तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर बैठ जाएं या लेट जाएं। इससे गिरने और चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
इसके अलावा शरीर में पानी की कमी न होने दें और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नियमित खान-पान और शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है।
समय पर जांच और इलाज जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर चक्कर आने या धुंधला दिखाई देने की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से सलाह लेना बेहतर होता है।
समय पर जांच कराने से बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है और अगर कोई न्यूरोलॉजिकल समस्या होती है, तो शुरुआती स्तर पर उसका इलाज ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। लापरवाही करने से समस्या बढ़ सकती है, इसलिए शरीर के इन संकेतों को समझना और समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है।