Off-Grid Solar System Cost: बढ़ते बिजली बिल और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से परेशान लोगों के लिए ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम एक बेहतरीन समाधान बनकर उभर रहा है। यह सिस्टम बिजली जाने के बाद भी बैटरी की मदद से घर में बिजली की सप्लाई बनाए रखता है। हालांकि, अधिकांश लोगों के मन में सवाल रहता है कि 1kW, 3kW या 5kW का ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाने में कितना खर्च आएगा और क्या इससे एयर कंडीशनर (AC) भी चलाया जा सकता है? आइए विस्तार से जानते हैं।
1kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की कीमत और क्षमता
यदि आपके घर में बिजली की खपत कम है, तो 1kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है। इसकी अनुमानित कीमत ₹85,000 से ₹1.05 लाख के बीच होती है।
इस सिस्टम में आमतौर पर 150Ah क्षमता की दो बैटरियां लगाई जाती हैं। इसकी मदद से आप आसानी से:
- 3-4 LED बल्ब
- 2-3 पंखे
- एक टीवी
- लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग
जैसे उपकरण चला सकते हैं। यह सिस्टम छोटे परिवारों, 2-3 कमरों वाले घरों, छोटी दुकानों और उन इलाकों के लिए बेहतर माना जाता है जहां बिजली कटौती अधिक होती है।
3kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की लागत
अगर आपके घर में बिजली की खपत ज्यादा है और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक साथ चलते हैं, तो 3kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है। इसकी कीमत लगभग ₹2.40 लाख से ₹2.80 लाख तक हो सकती है।
इस सिस्टम से आप आराम से चला सकते हैं:
- 4-5 पंखे
- LED लाइटें
- टीवी
- फ्रिज
- कंप्यूटर
- मिक्सर-ग्राइंडर
- 1 HP तक का वॉटर पंप
सामान्य तौर पर इसमें 150Ah की चार बैटरियां लगाई जाती हैं। वहीं, यदि आप लिथियम-आयन बैटरी चुनते हैं, तो अलग-अलग चार बैटरियों की आवश्यकता नहीं पड़ती। एक लिथियम बैटरी ही पर्याप्त हो सकती है। हालांकि इसकी शुरुआती कीमत अधिक होती है, लेकिन इसकी 10-12 साल तक की लंबी लाइफ, कम रखरखाव और कम जगह घेरने जैसी खूबियां इसे बेहतर विकल्प बनाती हैं।
ध्यान रखें कि इस क्षमता के सिस्टम पर लगातार भारी लोड वाले उपकरण, जैसे हाई-कैपेसिटी इनवर्टर AC या गीजर चलाना व्यावहारिक नहीं माना जाता।
5kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम: बड़े घरों के लिए बेहतर विकल्प
यदि आपके घर या छोटे व्यवसाय में बिजली की जरूरत अधिक है, तो 5kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम उपयुक्त रहेगा। इसकी कुल लागत लगभग ₹3.80 लाख से ₹4.50 लाख तक हो सकती है।
इस सेटअप में आमतौर पर 150Ah की 4 से 8 बैटरियां लगाई जाती हैं, जो पूरे घर की बिजली की जरूरतों को संभाल सकती हैं।
इस सिस्टम पर आप आसानी से चला सकते हैं:
- फ्रिज
- वॉटर पंप
- वॉशिंग मशीन
- माइक्रोवेव/ओवन
- अन्य भारी घरेलू उपकरण
साथ ही, दिन के समय पर्याप्त धूप मिलने पर 1.5 टन का एक इनवर्टर AC भी चलाया जा सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि रात में केवल बैटरी बैकअप पर लंबे समय तक AC चलाने से बैटरियां जल्दी डिस्चार्ज हो सकती हैं। इसलिए AC और अन्य भारी बिजली वाले उपकरणों का उपयोग दिन के समय करना अधिक फायदेमंद रहता है।
यह सिस्टम बड़े मकानों, विला, फार्महाउस, छोटे ऑफिस और उन क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है जहां बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं रहती।
सोलर सिस्टम चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?
ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की कुल कीमत सिर्फ उसकी क्षमता पर ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक पर भी निर्भर करती है।
- Mono PERC और Bifacial सोलर पैनल बेहतर प्रदर्शन देते हैं, लेकिन इनकी शुरुआती लागत अधिक होती है।
- लिथियम-आयन बैटरी महंगी जरूर होती है, लेकिन इसकी लाइफ लंबी होती है और रखरखाव भी कम रहता है।
- लेड-एसिड बैटरी अपेक्षाकृत सस्ती होती है, लेकिन समय-समय पर मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।
सोलर पैनल लगाने के लिए कितनी जगह चाहिए?
सिस्टम की क्षमता के अनुसार छत पर पर्याप्त खुली जगह होना जरूरी है।
- 1kW सिस्टम: लगभग 100 वर्ग फुट
- 3kW सिस्टम: करीब 300 वर्ग फुट
- 5kW सिस्टम: लगभग 500 वर्ग फुट
बेहतर प्रदर्शन के लिए पैनलों पर पूरे दिन पर्याप्त धूप आनी चाहिए।
क्या ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पर सब्सिडी मिलती है?
वर्तमान में केंद्र और अधिकांश राज्य सरकारें बैटरी आधारित ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पर सीधे तौर पर कोई सब्सिडी नहीं देती हैं। सरकारी सब्सिडी का लाभ मुख्य रूप से ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम पर उपलब्ध होता है। इसलिए ऑफ-ग्रिड सिस्टम लगाने से पहले लागत, बैटरी बैकअप और अपनी बिजली की जरूरतों का सही आकलन करना जरूरी है।