केंद्रीय सहकारिता मंत्री Amit Shah ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) के नए ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म nafex.in का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि NAFED ने किसानों और सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए चार नई डिजिटल पहलें शुरू की हैं—NAFEX, दृष्टि (DRISHTI), ERP सिस्टम और NAFED कल्याण।
NAFED का बड़ा बदलाव: घाटे से मुनाफे तक का सफर
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में NAFED गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था और बंद होने की कगार पर था। लेकिन सरकार के सहयोग और नीतिगत सुधारों के बाद संगठन ने उल्लेखनीय वापसी की। आज NAFED देशभर के लगभग 7.4 मिलियन किसानों से जुड़कर काम कर रहा है और करीब 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ लगभग 500 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा रहा है।
किसानों को सीधे लाभ देने की दिशा में नई योजना
शाह ने यह भी बताया कि सरकार आने वाले दो वर्षों में एक ऐसी व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत दालों की खरीद सीधे किसानों से की जाएगी, बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जाएगा। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और दाल उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि किसानों तक पहुंचने वाली खरीद व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ढांचे को गांव स्तर तक विस्तारित करना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने की तकनीक आधारित प्रणाली की सराहना
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इस कार्यक्रम में कहा कि पिछले दशक में देश की कृषि उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने NCCF और NAFED की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से कृषि खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बन रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि नए डिजिटल सिस्टम की मदद से किसानों को 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान मिल रहा है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
NAFED की नई डिजिटल पहलें
इस कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कई डिजिटल और किसान-केंद्रित योजनाओं की भी शुरुआत की। इनमें शामिल हैं:
- NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति योजना (किसानों के बच्चों के लिए)
- DRISHTI पोर्टल (दाल और तिलहन स्टॉक प्रबंधन के लिए)
- ERP सिस्टम (प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए)
इन सभी पहलों का उद्देश्य सहकारी संस्थानों को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को तकनीक के जरिए बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
निष्कर्ष
NAFEX पोर्टल और अन्य डिजिटल पहलें भारतीय कृषि व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करती हैं। इससे न केवल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि सहकारी तंत्र भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगा।