ITR Scrutiny Notice की आखिरी तारीख 30 जून, आज ही निपटा लें ये जरूरी काम

Saroj kanwar
6 Min Read

ITR Scrutiny Notice 2026: अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) पहले ही दाखिल कर दिया है, तो 30 जून 2026 आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण तारीख साबित हो सकती है। आयकर विभाग इस दिन तक कुछ मामलों में टैक्स रिटर्न की जांच (Scrutiny) के लिए नोटिस जारी कर सकता है। ऐसे में जिन लोगों का रिटर्न जांच के लिए चुना जाता है, उन्हें समय रहते विभाग के नोटिस का जवाब देना जरूरी होगा।

क्या होता है ITR Scrutiny Notice?

स्क्रूटनी नोटिस आयकर विभाग की ओर से भेजा जाने वाला एक आधिकारिक नोटिस होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि टैक्सपेयर द्वारा ITR में दी गई आय, टैक्स छूट, निवेश और अन्य वित्तीय जानकारी सही है या नहीं।

विभाग रिटर्न में दर्ज जानकारी का मिलान Form 26AS, Annual Information Statement (AIS), Taxpayer Information Summary (TIS), बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से करता है। यदि किसी प्रकार की असंगति या संदेह मिलता है, तो रिटर्न को विस्तृत जांच के लिए चुना जा सकता है।

किन कारणों से आ सकता है Scrutiny Notice?

हर टैक्सपेयर को स्क्रूटनी नोटिस नहीं भेजा जाता। केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही आयकर विभाग रिटर्न की जांच करता है। इसके प्रमुख कारण इस प्रकार हैं—

  • ITR में दिखाई गई आय और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर होना।
  • बैंक खाते या अन्य माध्यमों से बड़े वित्तीय लेनदेन का विवरण आय के अनुरूप न होना।
  • Form 26AS, AIS और TIS में उपलब्ध जानकारी तथा ITR में दी गई जानकारी का मेल न खाना।
  • यदि मामला पहले से किसी पुनर्मूल्यांकन (Reassessment) प्रक्रिया से जुड़ा हो।
  • टैक्सपेयर का नाम किसी सर्च या सर्वे कार्रवाई से संबंधित पाया जाना।

ध्यान रखें कि केवल नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आपने कोई गलती या टैक्स चोरी की है। कई मामलों में यह केवल जानकारी के सत्यापन के लिए भेजा जाता है।

नोटिस मिलने पर क्या करें?

यदि आपको आयकर विभाग की ओर से Scrutiny Notice प्राप्त होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले नोटिस को ध्यान से पढ़ें और उसमें मांगी गई जानकारी को समझें। इसके बाद तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब जमा करें।

ऑनलाइन जवाब देने के लिए ये आसान स्टेप्स अपनाएं—

  • इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • Worklist सेक्शन में जाएं।
  • e-Proceedings विकल्प चुनें।
  • प्राप्त नोटिस को खोलें।
  • मांगे गए दस्तावेज और जानकारी अपलोड कर जवाब सबमिट करें।

यदि आपको लगता है कि विभाग की जानकारी सही है, तो आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। वहीं, यदि आप विभाग के निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं, तो अपने पक्ष में उचित प्रमाण और स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

नोटिस का जवाब नहीं देने पर क्या होगा?

आयकर विभाग के नोटिस को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। यदि तय समय के भीतर उत्तर नहीं दिया जाता, तो विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है।

ऐसी स्थिति में निम्न समस्याएं सामने आ सकती हैं—

  • अतिरिक्त टैक्स की मांग की जा सकती है।
  • ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • टैक्स रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।
  • विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।

इसी कारण नोटिस मिलने के बाद समय पर जवाब देना बेहद जरूरी माना जाता है।

किन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत?

स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान आयकर विभाग आपसे कई प्रकार के वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है। इनमें शामिल हो सकते हैं—

  • बैंक स्टेटमेंट
  • सैलरी स्लिप या वेतन से जुड़े रिकॉर्ड
  • निवेश के प्रमाण
  • टैक्स कटौती (Deduction) से संबंधित दस्तावेज
  • अन्य बड़े वित्तीय लेनदेन का विवरण

इसलिए ITR दाखिल करने के बाद इन सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना समझदारी होगी।

30 जून तक रखें इन बातों का विशेष ध्यान

यदि आपने अपना ITR पहले ही फाइल कर दिया है, तो 30 जून तक नियमित रूप से अपना ईमेल, रजिस्टर्ड पता और आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल जरूर चेक करते रहें। अगर विभाग की ओर से कोई नोटिस आता है, तो उसका समय पर जवाब देकर अनावश्यक परेशानी, जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

ITR Scrutiny Notice आयकर विभाग की सामान्य जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी की पुष्टि करना होता है। यदि आपने सही जानकारी के साथ अपना रिटर्न दाखिल किया है और जरूरत पड़ने पर समय पर जवाब देते हैं, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय पर प्रतिक्रिया और सही दस्तावेज प्रस्तुत करना ही किसी भी प्रकार की टैक्स संबंधी परेशानी से बचने का सबसे आसान तरीका है।

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