Heart Attack: जिम में अचानक हार्ट अटैक आने पर क्या करें? एक्सपर्ट डॉक्टर से जानें जरूरी कदम

Saroj kanwar
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हाल के वर्षों में जिम और फिटनेस ट्रेनिंग के दौरान युवाओं में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। फिट रहने की इच्छा में बड़ी संख्या में लोग जिम तो जा रहे हैं, लेकिन बिना सही तकनीक और सावधानी के किया गया भारी वर्कआउट कई बार जान के लिए जोखिम बन जाता है। सोशल मीडिया पर दिखने वाली “परफेक्ट बॉडी” की दौड़ भी युवाओं को अपनी क्षमता से ज्यादा एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित कर रही है, जो दिल पर अचानक दबाव डाल सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समस्या फिटनेस नहीं, बल्कि गलत तरीके से किया गया व्यायाम और लापरवाही है। कई बार शरीर के शुरुआती चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज करना गंभीर हार्ट समस्याओं की वजह बन सकता है। ऐसे में सही गाइडेंस और सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।


वर्कआउट के दौरान दिखने वाले खतरनाक संकेत जिन्हें न करें नजरअंदाज

डॉ. ऋषि वी लोहि‍या के अनुसार, जिम या एक्सरसाइज करते समय अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत वर्कआउट रोक देना चाहिए:

  • सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना
  • बाएं हाथ, कंधे या गर्दन में दर्द या खिंचाव
  • अचानक चक्कर आना
  • सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना

ये संकेत हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं, जिन्हें हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।


किन लोगों को जिम में हार्ट रिस्क ज्यादा होता है?

कुछ लोगों में एक्सरसाइज के दौरान हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है, जैसे:

  • डायबिटीज के मरीज
  • हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग
  • अधिक वजन या मोटापे से परेशान व्यक्ति
  • जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो
  • धूम्रपान करने वाले लोग
  • लंबे समय से शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहने वाले व्यक्ति

ऐसे लोगों को वर्कआउट शुरू करने से पहले विशेष सावधानी और मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।


जिम में होने वाली सामान्य गलतियां जो जोखिम बढ़ाती हैं

1. क्षमता से ज्यादा वजन उठाना (Ego Lifting)

कई लोग दूसरों को देखकर अपनी ताकत से अधिक वजन उठाने लगते हैं, जिससे दिल पर अचानक दबाव बढ़ जाता है।

2. बिना मेडिकल चेकअप के भारी वर्कआउट

ECG या कार्डियक स्क्रीनिंग के बिना जिम शुरू करना कई बार जोखिमपूर्ण हो सकता है।

3. सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल

मसल्स तेजी से बढ़ाने के लिए बिना सलाह लिए सप्लीमेंट या स्टेरॉयड लेना हार्ट रिदम को प्रभावित कर सकता है।


कार्डियक अरेस्ट कैसे होता है?

डॉ. बिमल छाजेर के अनुसार, शरीर की धमनियों में मौजूद प्लाक या ब्लॉकेज अचानक टूट सकता है। इससे दिल तक ब्लड फ्लो रुक जाता है और कार्डियक अरेस्ट की स्थिति बन सकती है। अचानक और अत्यधिक भारी एक्सरसाइज इस खतरे को और बढ़ा देती है।


सुरक्षित वर्कआउट के लिए जरूरी सावधानियां

  • जिम शुरू करने से पहले पूरी हेल्थ चेकअप कराएं
  • शुरुआत हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, योग और लाइट कार्डियो से करें
  • सप्ताह में 4–5 दिन, 30–45 मिनट का वर्कआउट पर्याप्त है
  • शरीर में थकान, कमजोरी या चक्कर आने पर एक्सरसाइज से बचें
  • धीरे-धीरे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाएं

जिम में हार्ट अटैक की स्थिति में क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत ये कदम उठाएं:

तुरंत वर्कआउट बंद करें

व्यक्ति को आराम की स्थिति में बैठाएं या लिटाएं और कपड़े ढीले कर दें ताकि सांस लेने में आसानी हो।

जरूरी दवा दें (यदि उपलब्ध हो)

अगर मरीज हार्ट पेशेंट है और डॉक्टर ने दवा दी है जैसे Sorbitrate, तो उसे जीभ के नीचे रखें।

Aspirin (लगभग 300 mg) उपलब्ध होने पर चबाने के लिए दी जा सकती है, जिससे खून के थक्के बनने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

सांस और पल्स की जांच करें

अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए या सांस बंद लगे तो तुरंत नब्ज और सांस की जांच करें।

CPR शुरू करें

छाती के बीच में दोनों हाथ रखकर लगातार दबाव दें (लगभग 100–120 बार प्रति मिनट)। प्रशिक्षित होने पर माउथ-टू-माउथ रेस्क्यू ब्रीदिंग भी दी जा सकती है।

तुरंत मेडिकल मदद लें

एम्बुलेंस बुलाएं और मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या कार्डियक सेंटर पहुंचाएं। शुरुआती मिनट हार्ट अटैक में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।


डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। नया वर्कआउट शुरू करने या स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

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