नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका से जुड़ी राहत की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुक्रवार, 7 अगस्त की देर रात कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,400 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया, जबकि चांदी भी 65 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई।
इस तेजी का असर घरेलू कमोडिटी मार्केट पर भी साफ नजर आया। भारत में सोने की कीमत में 3,700 रुपये से ज्यादा और चांदी के भाव में 9,600 रुपये से अधिक का उछाल दर्ज किया गया।
MCX पर सोने का भाव 1.52 लाख रुपये के पार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को 3,722 रुपये की बढ़त के साथ 1,52,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक सोना 1.82 फीसदी की तेजी के साथ 1,51,572 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
सोने के अलावा चांदी में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 9,644 रुपये महंगी होकर 2,35,480 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गई। बाद में इसकी तेजी कुछ कम हुई और खबर लिखे जाने तक चांदी 2.14 फीसदी की बढ़त के साथ 2,30,677 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
आखिर क्यों बढ़े Gold और Silver के दाम?
अब सबसे बड़ा सवाल है कि सोने और चांदी की कीमतों में अचानक इतनी बड़ी तेजी क्यों आई? कोटक सिक्योरिटी की एवीपी (रिसर्च) कायनात चैनवाला के मुताबिक, शुक्रवार को कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 4,450 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी सोने ने सात सप्ताह का उच्च स्तर हासिल किया था और इसका भाव 4,303 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। दूसरी ओर, चांदी में करीब 3.5 फीसदी की तेजी आई और इसका भाव 62 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया।
इस तेजी के साथ सोना और चांदी जनवरी के बाद अपने सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन की ओर बढ़ते नजर आए।
कमजोर डॉलर और सस्ता क्रूड बना सपोर्ट
कीमती धातुओं की कीमतों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी शामिल रही। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर किसी समझौते की उम्मीद बढ़ने से सप्लाई बाधित होने की आशंका भी कम हुई है।
हालांकि, इससे पहले गुरुवार को ईरान की संसद से जुड़ी एक खबर ने बाजार की चिंता बढ़ा दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जलमार्ग से गुजरने वाले कुछ “विरोधी” देशों के जहाजों पर संभावित प्रतिबंध को लेकर समीक्षा की जा रही थी। इससे महंगाई और सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ी थीं और सोने-चांदी में तेजी के बाद कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
फिलहाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतें आगे भी Gold Price Today और Silver Price Today की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर रहेंगे।