Gold Price Crash: 3 साल की रिकॉर्ड तेजी पर लगा ब्रेक, क्या अभी और सस्ता होगा सोना?

Saroj kanwar
3 Min Read

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ी हैं। गोल्ड करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस (लगभग ₹3.74 लाख से ₹3.89 लाख) के आसपास कारोबार कर रहा है, लेकिन बाजार में इसके ऊपर लगातार दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका फिलहाल सोने की तेजी पर ब्रेक लगा रही है।

क्यों गिर रही हैं सोने की कीमतें?

हाल के दिनों में गोल्ड की कीमतों में लगातार कमजोरी देखने को मिली है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है।

इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखने के संकेत भी निवेशकों की सोच बदल रहे हैं। चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए निवेशक अब बेहतर रिटर्न देने वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड

बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत हाल ही में 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई, जो पिछले कई महीनों में पहली बार देखने को मिला है। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल दूसरे निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।

अगर इस साल की शुरुआत से तुलना करें, तो जनवरी 2026 में सोना लगभग 5,600 डॉलर प्रति औंस (करीब ₹5.33 लाख) के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि जून आते-आते इसकी कीमत में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

आगे कैसा रहेगा गोल्ड का रुख?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसी वजह से कई वित्तीय संस्थानों ने वर्ष 2026 के लिए अपने गोल्ड प्राइस अनुमान भी कम कर दिए हैं।

अनुमानों के मुताबिक, तीसरी तिमाही में सोने की औसत कीमत करीब 4,300 डॉलर प्रति औंस और चौथी तिमाही में लगभग 4,600 डॉलर प्रति औंस रह सकती है।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

हालांकि अल्पकाल में कमजोरी बनी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि का नजरिया पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना जा रहा है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और वैश्विक आर्थिक एवं भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भविष्य में गोल्ड को मजबूती दे सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में गिरावट सीमित रह सकती है और लंबी अवधि में सोना फिर से सहारा पा सकता है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *