FD Rates: सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय विकल्प है। ऐसे में बैंक की FD में पैसा लगाने से पहले ब्याज दरों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हालिया फैसले को समझना जरूरी है। RBI ने अगस्त की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है।
रेपो रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होने से बैंकिंग सेक्टर की ब्याज दरों में तुरंत किसी बड़े बदलाव की संभावना कम नजर आ रही है। ऐसे में FD निवेशकों के सामने सवाल है कि अभी FD करानी चाहिए या ब्याज दरों में संभावित बदलाव का इंतजार करना बेहतर होगा।
फिलहाल Punjab & Sind Bank और Punjab National Bank (PNB) अलग-अलग अवधि की FD पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं। हालांकि, केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर देखकर FD चुनना हमेशा सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले अवधि, मैच्योरिटी राशि, टैक्स और बैंक की शर्तों को भी देखना चाहिए।
रेपो रेट 5.25% रहने से FD पर क्या असर पड़ेगा?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्प अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव होने पर समय के साथ बैंकों की लोन और डिपॉजिट दरों पर भी असर पड़ सकता है।
अभी RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। इसलिए FD की ब्याज दरों में तत्काल बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कम है। हालांकि, बैंक अपनी जरूरत के अनुसार FD की दरों में बदलाव कर सकते हैं। जमा की जरूरत, बैंक में नकदी की स्थिति और कारोबारी रणनीति जैसे कई कारण FD की ब्याज दर तय करने में भूमिका निभाते हैं।
पंजाब एंड सिंध बैंक की FD पर कितना ब्याज?
Punjab & Sind Bank की FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए ब्याज दरें अवधि के अनुसार 2.85% से 6.85% तक बताई गई हैं। उपलब्ध अवधियों में 666 दिन की FD पर 6.85% की सबसे ऊंची दर है।
वहीं, 444 दिन की FD पर सामान्य ग्राहकों को 6.80% और 375 दिन की FD पर 6.40% ब्याज मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ अवधियों पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। 666 दिन की FD पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.35% तक पहुंचती है।
पंजाब एंड सिंध बैंक की प्रमुख FD दरें
| FD अवधि | सामान्य ग्राहक | वरिष्ठ नागरिक |
|---|---|---|
| 1 साल | 5.85% | 6.35% |
| 375 दिन | 6.40% | 6.90% |
| 444 दिन | 6.80% | 7.30% |
| 666 दिन | 6.85% | 7.35% |
| 2 से 3 साल | 5.85%-5.95% | 6.35%-6.45% |
| 5 साल | 5.95% | 6.45% |
| 5 से 10 साल | 5.85% | 6.35% |
इस तरह पंजाब एंड सिंध बैंक में सूचीबद्ध अवधियों में 666 दिन की FD सामान्य ग्राहकों के लिए सबसे ज्यादा 6.85% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.35% ब्याज देती है।
PNB की FD पर कितनी ब्याज दर मिल रही है?
Punjab National Bank (PNB) में FD की ब्याज दर अवधि और ग्राहक की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। सामान्य ग्राहकों के लिए दरें 3% से 6.60% तक बताई गई हैं।
PNB में 444 दिन की FD सामान्य ग्राहकों के लिए 6.60% ब्याज देती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यही दर 7.10% और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए 7.40% तक है। उपलब्ध अवधियों में यह PNB की सबसे ऊंची बताई गई FD दर है।
PNB की प्रमुख FD ब्याज दरें
| FD अवधि | सामान्य ग्राहक | वरिष्ठ नागरिक | सुपर सीनियर नागरिक |
| 1 साल | 6.25% | 6.75% | 7.05% |
| 444 दिन | 6.60% | 7.10% | 7.40% |
| 2 से 3 साल | 6.30% | 6.80% | 7.10% |
| 3 से 5 साल | 6.10% | 6.60% | 6.90% |
| 5 से 10 साल | 6.00% | 6.80% | 6.80% |
₹5 लाख की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?
FD में निवेश करने से पहले केवल ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है। यह समझना भी जरूरी है कि उस दर से वास्तविक कमाई कितनी होगी।
मान लीजिए आपने ₹5 लाख की FD पर 6.85% सालाना ब्याज वाली योजना चुनी। साधारण वार्षिक गणना के आधार पर एक साल में ब्याज करीब ₹34,250 बनता है।
हालांकि, वास्तविक मैच्योरिटी राशि इससे अलग हो सकती है। इसका कारण FD का प्रकार, ब्याज के कंपाउंड होने का तरीका और निवेश की कुल अवधि है। इसलिए FD चुनते समय ब्याज दर के साथ-साथ मaturity amount और बैंक की शर्तों को भी जरूर जांचना चाहिए।
5 साल की Tax Saving FD पर कितना ब्याज?
जो निवेशक टैक्स बचत के लिए FD का विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए 5 साल की Tax-Saving FD एक अलग श्रेणी है। इसमें पैसा निर्धारित अवधि के लिए लॉक-इन रहता है।
पंजाब एंड सिंध बैंक की 5 साल की टैक्स-सेविंग FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए 5.95% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.45% ब्याज दर बताई गई है।
वहीं, PNB की 5 साल की टैक्स-सेविंग FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए ब्याज दर 5.85% से 6.25% के बीच बताई गई है। वास्तविक दर संबंधित FD प्रोडक्ट और उसकी शर्तों पर निर्भर कर सकती है।
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
RBI के रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के बाद FD दरों में तत्काल बड़े बदलाव की संभावना कम है, लेकिन भविष्य में बैंक अपनी ब्याज दरों को बदल सकते हैं। इसलिए निवेश करने से पहले सिर्फ ज्यादा ब्याज के पीछे जाने के बजाय अपनी जरूरत और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
FD चुनते समय ब्याज दर, अवधि, मैच्योरिटी राशि, वरिष्ठ नागरिक लाभ, टैक्स नियम और बैंक की लागू शर्तों की तुलना करें। खासकर 5 साल की टैक्स-सेविंग FD चुनने वालों को यह भी समझना चाहिए कि इसमें पैसा लॉक-इन अवधि के दौरान सामान्य FD की तरह आसानी से नहीं निकाला जा सकता।