Diabetes Diet: क्या डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं सोयाबीन? डायटीशियन ने बताए फायदे और सावधानियां

Saroj kanwar
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डिजिटल डेस्क। डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि ऐसी कौन-सी चीजें खाई जाएं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करें। इन्हीं खाद्य पदार्थों में सोयाबीन का नाम भी शामिल है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर सोयाबीन को हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है, लेकिन क्या यह डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है?

सोयाबीन एक पौधों से मिलने वाला पोषक आहार है। इसके बीजों से सोया चंक्स, सोया दूध, सोया तेल और सोया आटा जैसे कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) और भरपूर पोषण इसे डायबिटीज डाइट में लोकप्रिय बनाते हैं। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञ इस बारे में क्या कहते हैं।

डायबिटीज में सोयाबीन खाना कितना सुरक्षित है?

लखनऊ स्थित Midland Hospital की चीफ डाइटिशियन और Wellness Diet Clinic की डायरेक्टर स्मिता सिंह के अनुसार, सोयाबीन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 15 से 25 के बीच होता है। इसका मतलब है कि यह शरीर में ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।

सोयाबीन में मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन की गति को धीमा कर देता है। इससे शुगर धीरे-धीरे रक्त में पहुंचती है और ग्लूकोज लेवल स्थिर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि सीमित मात्रा में इसका सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

रिसर्च क्या कहती है?

साल 2023 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक विश्लेषण में 29 अलग-अलग अध्ययनों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया। इसमें 16,521 टाइप-2 डायबिटीज और 54,213 हृदय रोग के मामलों को शामिल किया गया था।

अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने नियमित रूप से अधिक मात्रा में सोया आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन किया, उनमें:

  • टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 17% तक कम देखा गया।
  • हृदय रोगों का जोखिम 13% तक घटा पाया गया।

हालांकि, शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि बेहतर परिणामों के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी है।

क्या डायबिटीज में सोया चंक्स खा सकते हैं?

डायबिटीज के मरीज अपनी डाइट में सोया चंक्स भी शामिल कर सकते हैं। इसे अक्सर शाकाहारी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। सोया चंक्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 15 से 20 होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता।

बेहतर होगा कि सोया चंक्स को उबालकर या हल्के मसालों और कम तेल में ढेर सारी हरी सब्जियों के साथ पकाकर खाया जाए। इससे इसका पोषण भी बना रहता है और अतिरिक्त कैलोरी से भी बचा जा सकता है।

एक दिन में कितनी मात्रा में खाएं?

विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीज रोजाना लगभग 50 से 60 ग्राम पका हुआ सोयाबीन खा सकते हैं। यह मात्रा लगभग एक कप के बराबर होती है।

सोयाबीन को दाल, सलाद, हरी सब्जियों या अन्य फाइबर और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाने से पोषण संतुलित रहता है और कैलोरी का नियंत्रण भी बना रहता है।

वजन घटाने में भी मिल सकती है मदद

सोयाबीन में प्रोटीन की मात्रा अधिक और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। इसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव हो सकता है। यही कारण है कि यह वेट मैनेजमेंट में भी मददगार माना जाता है।

दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद

सोयाबीन केवल ब्लड शुगर ही नहीं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

डायबिटीज के मरीजों के लिए सोयाबीन एक पौष्टिक और लो-ग्लाइसेमिक खाद्य विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने, वजन प्रबंधन और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना जरूरी है। यदि आपको पहले से कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है या विशेष डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

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