देशभर के करीब 1.2 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय फिटमेंट फैक्टर बना हुआ है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन तय होगी।
हाल ही में लखनऊ में आयोग की अहम बैठकों का समापन हुआ है, जबकि आगामी बैठकें जुलाई में भुवनेश्वर और कोलकाता में प्रस्तावित हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगा, जिससे सरकार जल्द मंजूरी देकर नए वेतन ढांचे को लागू कर सकेगी।
फिटमेंट फैक्टर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिसके जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को बढ़ाकर नया वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था, जिसके कारण न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये तक पहुंच गई थी।
अब 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग अनुमानों पर चर्चा चल रही है। कुछ विशेषज्ञ इसे 2.0 के आसपास मान रहे हैं, जबकि कर्मचारी संगठन इसे 2.10 तक पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं।
2.10 फिटमेंट फैक्टर से कितना बढ़ेगा वेतन?
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, अगर डीए (DA), एचआरए (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) को दिसंबर 2025 तक जोड़कर गणना की जाए, तो फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.06 से 2.10 तक हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर:
- लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी: ₹18,000
- 58% DA जोड़ने पर कुल मासिक आय लगभग: ₹37,080
- इससे फिटमेंट फैक्टर करीब: 2.06
यदि सरकार 2.10 फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो:
- बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹37,800 हो सकती है
- अन्य भत्तों को जोड़ने पर कुल मासिक आय लगभग ₹61,000+ तक पहुंच सकती है
- यानी कुल वेतन में लगभग 65% तक वृद्धि संभव है
परिवार इकाई को लेकर भी सुझाव
कुछ कर्मचारी संगठनों का यह भी सुझाव है कि सैलरी गणना में परिवार इकाई को बढ़ाया जाए। 7वें वेतन आयोग में इसे तीन सदस्यों (कर्मचारी, पति/पत्नी और दो बच्चे) तक सीमित रखा गया था।
अब मांग है कि इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए, जिससे परिवार इकाई चार सदस्यों की हो जाए। ऐसा होने पर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.05 से 2.10 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
अभी सिर्फ अनुमान, अंतिम फैसला बाकी
यह सभी आंकड़े और अनुमान फिलहाल विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों की शुरुआती गणनाओं पर आधारित हैं। असली तस्वीर तो 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगी।
फिर भी, इन संभावित बदलावों ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। आने वाले महीनों में आयोग की रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यही तय करेगा कि सैलरी और पेंशन में कितना बड़ा बदलाव होगा।