Barrier-Free Toll Penalty Rules: देश में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम का तेजी से विस्तार हो रहा है और लोगों की सुविधा के लिए टोल सिस्टम को पहले से ज्यादा स्मार्ट बनाया जा रहा है. फिलहाल यह सिस्टम दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा और गुजरात के चौरासी टोल प्लाजा पर लागू किया गया है. MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम के जरिए अब गाड़ियों को टोल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और चलते-चलते ही टोल कट जाता है. लेकिन अगर कोई वाहन चालक इस सिस्टम को चकमा देकर निकलने की कोशिश करता है, तो उस पर डिजिटल कार्रवाई की जाती है. आइए जानते हैं क्या हैं इसके नियम और कैसे लगता है जुर्माना…
क्या है बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम?
MLFF सिस्टम FASTag आधारित ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक पर काम करता है. इसमें टोल बूथ या बैरियर नहीं होते, बल्कि हाईटेक कैमरे और सेंसर गाड़ियों की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन करते हैं. वाहन बिना रुके टोल पार कर जाता है और टोल राशि अपने आप कट जाती है. इससे ट्रैफिक जाम कम होता है और यात्रा तेज व आसान बनती है.
कब जारी होता है ई-नोटिस?
NHAI के अनुसार अगर कोई वाहन MLFF टोल प्वाइंट से गुजरता है और उसका FASTag काम नहीं करता, बैलेंस कम होता है या सिस्टम वाहन को पहचान नहीं पाता, तो उस स्थिति में ई-नोटिस जारी किया जाता है. सिस्टम वाहन का रिकॉर्ड तैयार करता है और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक को ऑनलाइन नोटिस भेजा जाता है. इसके जरिए तय समय के भीतर बिना जुर्माने के बकाया टोल जमा करने का मौका मिलता है.
72 घंटे बाद देना होगा दोगुना जुर्माना
अगर वाहन मालिक ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर बकाया टोल का भुगतान कर देता है तो किसी तरह का जुर्माना नहीं लगता. लेकिन 72 घंटे के बाद पेमेंट करने पर वाहन चालक को दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है. इसलिए समय रहते ई-नोटिस चेक करना जरूरी है.
कैसे चेक करें ई-नोटिस?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके वाहन पर कोई ई-नोटिस जारी हुआ है या नहीं, तो आधिकारिक पोर्टल पर जाकर इसे चेक किया जा सकता है.
यहां वाहन नंबर डालकर लॉग इन करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें. इसके बाद पेंडिंग ई-नोटिस दिखाई देगा, जिसे तुरंत ऑनलाइन जमा किया जा सकता है.
बार-बार नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
अगर कोई वाहन चालक लगातार टोल सिस्टम को चकमा देने की कोशिश करता है, तो वाहन को ब्लैकलिस्ट या फ्लैग भी किया जा सकता है. ऐसे में भविष्य में टोल से गुजरने पर अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है. इसलिए बेहतर यही है कि FASTag एक्टिव रखें और समय पर सभी बकाया भुगतान कर दें.