Bank Account: अचानक खाते में आ जाएं पैसे तो भूलकर भी न करें यह गलती, नहीं तो लग जाएगी पेनल्टी

Saroj kanwar
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Bank Account: डिजिटलाइजेशन के दौर में आम तौर पर देखने को मिलता है कि लोगों के अकाउंट में अचानक मोटी रकम आ जाती है. खाता स्वामी को भी इस पैसे की भनक नहीं होती है कि कहां से आया. अगर आपके खाते में मोटी रकम आ जाती है तो क्या इस पर टैक्स लगाया जाता है? ऐसी स्थिति में फिर उन्हें क्या करना पड़ेगा?

कुछ जानकारों की मानें तो अगर गलती से आपके खाते में पैसा आ जाए तो टैक्स देने के हकदार नहीं होंगे. खाताधारक यह जानने के बाद भी अगर पैसों की निकासी करते हैं तो फिर समस्या देखने को मिल सकती है. इसलिए जरूरी है कि अगर अचानक खाते में तगड़ी रकम आ जाए तो पहले बैंक कर्मचारी को उसकी जानकारी प्रदान करनी होगी.

गलती से आई रकम तो क्या लगेगा टैक्स

आयकर विभाग के कानून के अनुसार टैक्स सामान्य तौर पर उसी आय पर लगता है जो करदाता की अपनी हो या जिसे वेतन, व्यापार, उपहार या फिर किसी अन्य स्रोते कमाया गया हो. ऐसी स्थिति में अगर बैंकिंग त्रुटि के चलते कोई राशि गलत तरीके से ट्रांसफर हो जाती तो फिर उसे योग्य आय नहीं माना जाएगा. लेकिन प्राप्तकर्ता का उस पर कोई कानूनी दावा नहीं किया जाता है।

जानिए क्या कहते हैं टैक्स पार्टनर

एन.ए. शाह एसोसिएट्स के टैक्स पार्टनर गोपाल बोहर ने बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि टॉक्स सिर्फ और सिर्फ तभी देय रहता है. जब पैसा वास्तव में करदाता का हो. अगर कोई गलत क्रेडिट हुआ है और करदाता तुरंत बैंक को लिखित में इसकी सूचना प्रदान करता है.

उसे टैक्स के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराने के लिए किया जा सकता है. शुरुआत में टैक्सपेयर्स को ही टैक्स अधिकारियों के सामने इस जमा राशि की प्रकृति को पूरी तरह से बताने की जरूरत होगी.

जानिए आयकर विभाग के नियम

जानकारी के लिए बता दें कि आयर अधिनियम 1961 की धारा 69A के मुताबिक, अगर करदाता पैसे के स्रोत की सही तरीके से व्याख्या नहीं कर पाता है, तो इसे उस वित्तीय वर्ष की डीम्ड इनकम (माना गया धन) मान लिया जाता है. वहीं, ऐसी स्थिति में इस राशि पर 60 फीसदी की दर से टैक्स अधिभार और शिक्षा उपकर लगाने का काम किया जाता है.

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