ओरल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए सिर्फ नियमित ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं है। मुंह में बनने वाली लार भी दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि लंबे समय तक मुंह में सूखापन यानी Dry Mouth की समस्या को नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता।
कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या मुंह में लार की कमी से दांतों में कैविटी होने का खतरा बढ़ सकता है? देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट और डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के मुताबिक, लंबे समय तक ड्राई माउथ रहने पर कैविटी का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या Dry Mouth से होती है कैविटी?
डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार न बनने पर दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। लार दांतों को भोजन के बाद बनने वाले एसिड से बचाने और मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करती है।
जब लार की मात्रा कम हो जाती है, तो मुंह में बैक्टीरिया और प्लाक जमा होने की संभावना बढ़ सकती है। इससे दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल कमजोर हो सकती है और समय के साथ कैविटी का खतरा बढ़ सकता है।
Dry Mouth को मेडिकल भाषा में Xerostomia कहा जाता है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें मुंह को पर्याप्त रूप से नम रखने के लिए जरूरी मात्रा में लार नहीं बनती। तनाव या घबराहट जैसी परिस्थितियों में थोड़े समय के लिए मुंह सूखना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहे तो इसके कारणों पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या केवल Dry Mouth ही कैविटी की वजह है?
ऐसा नहीं है कि हर कैविटी सिर्फ मुंह सूखने की वजह से होती है। कैविटी के पीछे कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इनमें ओरल हाइजीन का सही तरीके से ध्यान न रखना, ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन, नियमित रूप से ब्रश न करना और दांतों की उचित देखभाल नहीं करना शामिल हैं।
हालांकि, लंबे समय तक लार की कमी इन जोखिमों को बढ़ा सकती है, क्योंकि लार मुंह के अंदर बैक्टीरिया और एसिड को नियंत्रित करने में प्राकृतिक रूप से मदद करती है।
दांतों के लिए क्यों जरूरी है लार?
लार को केवल मुंह को गीला रखने वाला तरल समझना सही नहीं है। यह ओरल हेल्थ के लिए कई महत्वपूर्ण काम करती है।
लार:
- मुंह के अंदर मौजूद खाद्य कणों को साफ करने में मदद करती है।
- भोजन के बाद बनने वाले एसिड को संतुलित करने में सहायक होती है।
- दांतों के इनेमल की सुरक्षा में भूमिका निभाती है।
- मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करती है।
- खाना चबाने और निगलने की प्रक्रिया को आसान बनाती है।
- मुंह को पर्याप्त नमी बनाए रखने में मदद करती है।
इसलिए लार की मात्रा लगातार कम रहने पर दांतों और पूरे ओरल हेल्थ पर इसका असर पड़ सकता है।
Dry Mouth के लक्षण क्या हैं?
मुंह में लगातार सूखापन रहने पर कुछ सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- बार-बार मुंह सूखना या प्यास लगना
- जीभ में सूखापन महसूस होना
- होंठों का सूखना या फटना
- बोलने में परेशानी होना
- खाना चबाने या निगलने में दिक्कत
- मुंह से दुर्गंध आना
- बार-बार कैविटी होना
यदि मुंह का सूखापन लंबे समय तक बना रहता है, तो दांतों में सड़न और कुछ मामलों में मुंह में संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है।
दांतों की नियमित जांच क्यों जरूरी है?
दांतों से जुड़ी समस्याओं को शुरुआती स्तर पर पहचानने के लिए समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना फायदेमंद होता है। नियमित जांच से कैविटी, दांतों की सड़न और अन्य ओरल हेल्थ समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
खासकर अगर किसी व्यक्ति को बार-बार कैविटी हो रही है या मुंह में लगातार सूखापन महसूस होता है, तो इसे सामान्य मानकर टालना नहीं चाहिए।
कब डॉक्टर या डेंटिस्ट से संपर्क करें?
यदि मुंह का सूखापन कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे, बार-बार कैविटी हो, बोलने या खाने-पीने में परेशानी हो अथवा मुंह से दुर्गंध की समस्या लगातार बनी रहे, तो डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
डॉक्टर समस्या के संभावित कारणों की जांच करके उचित सलाह दे सकते हैं।
निष्कर्ष
Dry Mouth और कैविटी के बीच संबंध हो सकता है। लंबे समय तक मुंह में लार की कमी रहने पर दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, जिससे बैक्टीरिया और प्लाक बढ़ने के साथ कैविटी का जोखिम भी बढ़ सकता है। हालांकि, कैविटी के लिए केवल Dry Mouth जिम्मेदार नहीं होता; खान-पान और ओरल हाइजीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित ब्रशिंग, सही ओरल केयर और समय-समय पर डेंटल चेकअप के साथ लगातार रहने वाले मुंह के सूखेपन को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।