17 अगस्त से महिलाओं के खाते में ₹3000 की किस्त, जानें किन्हें मिलेगा लाभ

Saroj kanwar
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Annapurna Yojana 2026: पश्चिम बंगाल सरकार की अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹3000 की राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है। अब अगस्त की तीसरी किस्त को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 17 अगस्त से लाभार्थियों के खातों में भुगतान भेजने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

इसके साथ ही योजना की पात्रता, परिवार में लाभार्थियों की संख्या, आय सीमा, जमीन और मकान से जुड़े नियमों तथा कुछ विशेष श्रेणियों को मिलने वाली छूट को लेकर भी जानकारी सामने आई है।

क्या है अन्नपूर्णा योजना?

अन्नपूर्णा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत योग्य लाभार्थियों को प्रत्येक महीने ₹3000 दिए जाते हैं। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ निर्धारित शर्तें रखी हैं। लाभार्थियों की जानकारी का समय-समय पर सत्यापन किया जाता है और पात्र पाए जाने वाले लोगों को भुगतान सूची में शामिल किया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त की तीसरी किस्त के लिए 17 अगस्त से भुगतान शुरू होने की संभावना है। भुगतान जारी होने के बाद रकम बैंक खाते में पहुंचने में करीब दो से तीन दिन लग सकते हैं।

एक परिवार में 2 महिलाओं को मिल सकता है लाभ

अन्नपूर्णा योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल यह रहा है कि अगर एक ही परिवार में दो महिलाएं पात्र हैं, तो क्या दोनों को ₹3000-₹3000 की सहायता मिलेगी?

सामने आई गाइडलाइन के अनुसार, एक परिवार में अधिकतम दो अन्नपूर्णा लाभार्थी हो सकते हैं। यानी यदि परिवार की दो महिलाएं योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं, तो दोनों को अलग-अलग ₹3000 मिल सकते हैं।

इस तरह दो पात्र महिलाओं वाले परिवार को हर महीने कुल ₹6000 की आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, केवल एक परिवार में दो महिलाएं होना पर्याप्त नहीं है। दोनों का निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र होना जरूरी है।

17 अगस्त से शुरू हो सकती है तीसरी किस्त

अगस्त की तीसरी किस्त को लेकर 17 अगस्त की तारीख चर्चा में है। इसी दिन से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सरकार की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जा रहा है। जिन लोगों की जानकारी और पात्रता सही पाई जाएगी, उनका नाम भुगतान सूची में रखा जाएगा।

इसलिए अगर किसी महिला को पहले की किस्त मिल चुकी है, तब भी अगस्त की किस्त के लिए उसका नया सत्यापन और पात्रता जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

₹10,000 की आय सीमा से जुड़ी शर्त

नई गाइडलाइन में आय से संबंधित पात्रता का भी उल्लेख किया गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, ₹10,000 की आय सीमा से जुड़ी शर्तों को ध्यान में रखा जाएगा।

इसके अलावा योजना में पात्र महिलाओं की उम्र को लेकर भी नियम बताए गए हैं, जिसके अनुसार 60 वर्ष तक की पात्र महिलाओं को लाभ मिलने की बात सामने आई है।

इसका अर्थ है कि केवल महिला होना योजना का लाभ पाने के लिए पर्याप्त नहीं है। सरकार द्वारा तय आयु, आय और अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होगा।

दिव्यांग लाभार्थियों के लिए राहत

योजना के नियमों में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, 19 मई 2026 को जारी SOP के आधार पर लाभार्थियों का सत्यापन किया गया था।

इसके बाद दिव्यांग लाभार्थियों से जुड़े कुछ मामलों में राहत की बात सामने आई है। बताया गया है कि यदि कोई दिव्यांग व्यक्ति PM Kisan Nidhi का लाभ ले रहा है, तो केवल इसी वजह से उसे अन्नपूर्णा योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।

यानी पात्रता पूरी होने पर PM Kisan Nidhi का लाभ मिलना अपने आप में अन्नपूर्णा योजना के लिए अपात्रता का आधार नहीं माना जाएगा।

ग्रामीण महिलाओं के लिए भी नियमों में राहत

ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए भी कुछ नियमों में राहत की जानकारी सामने आई है। गांवों में तीन कमरों वाले मकान से संबंधित शर्त में छूट का प्रावधान बताया गया है।

इससे उन महिलाओं को फायदा मिल सकता है जो पहले इसी तरह की शर्त के कारण लाभार्थी सूची में शामिल नहीं हो पा रही थीं।

अगस्त की नई सूची में अधिक पात्र महिलाओं को शामिल करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला संबंधित महिला के दस्तावेजों, सत्यापन और सरकारी पात्रता मानकों के आधार पर ही होगा।

जमीन रखने वालों के लिए अलग-अलग नियम

अन्नपूर्णा योजना की पात्रता में जमीन से संबंधित शर्तें भी महत्वपूर्ण हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ नगरपालिका क्षेत्रों और सात निगमों में 50 दशमलव जमीन से जुड़ी शर्त में छूट का उल्लेख किया गया है।

वहीं, कोलकाता में आधा एकड़ जमीन रखने वाले लोगों को योजना से बाहर किए जाने की बात सामने आई है।

इससे स्पष्ट होता है कि जमीन से संबंधित पात्रता सभी क्षेत्रों के लिए समान नहीं हो सकती। ग्रामीण, नगरपालिका और निगम क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नियम लागू हो सकते हैं।

योजना पर 50 हजार करोड़ रुपये तक खर्च का अनुमान

अन्नपूर्णा योजना पर सरकार के संभावित खर्च को लेकर भी आंकड़े सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, आठ महीनों में योजना पर करीब ₹48,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक खर्च होने का अनुमान है।

शुरुआत में आठ महीने के लिए करीब ₹35,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था। बाद में पात्रता नियमों में बदलाव और कुछ मामलों में छूट के कारण खर्च बढ़ने की संभावना जताई गई।

सरकार की कोशिश बताई जा रही है कि करीब 99 फीसदी पात्र लाभार्थियों तक योजना की राशि पहुंचाई जाए।

अगस्त की लाभार्थी सूची होगी अहम

अन्नपूर्णा योजना की अगस्त किस्त के साथ नई लाभार्थी सूची पर भी नजर रहेगी। 17 अगस्त से भुगतान प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति में पात्र महिलाओं के खातों में ₹3000 भेजे जा सकते हैं।

इस बार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक परिवार में दो पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलने का प्रावधान बताया गया है। ऐसे परिवारों में दोनों महिलाओं को पात्र पाए जाने पर कुल ₹6000 महीने मिल सकते हैं।

हालांकि, अंतिम लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करती होंगी। इसलिए लाभार्थियों के लिए अगस्त की सूची और सत्यापन की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

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