विटामिन D शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन इसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा परेशानी का कारण भी बन सकती है। राहुल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसे अचानक मतली, उल्टी, सीने में दर्द, पैरों में ऐंठन, मुंह सूखने और बार-बार प्यास लगने जैसी समस्याएं होने लगीं। शुरुआत में उसने इसे सामान्य थकान या पेट की समस्या समझकर नजरअंदाज किया। लेकिन जब उसका वजन तेजी से कम होने लगा और कमजोरी बढ़ती गई, तब उसने जांच कराई। रिपोर्ट से पता चला कि समस्या विटामिन D की अत्यधिक मात्रा लेने के कारण हुई थी। इस स्थिति को हाइपरविटामिनोसिस D (Hypervitaminosis D) कहा जाता है।
क्या है हाइपरविटामिनोसिस D?
हाइपरविटामिनोसिस D ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में विटामिन D का स्तर जरूरत से काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आमतौर पर सिर्फ धूप में रहने या सामान्य भोजन से विटामिन D की विषाक्तता नहीं होती। इसका खतरा खासतौर पर लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा मात्रा में विटामिन D सप्लीमेंट लेने से बढ़ सकता है।
विटामिन D की सामान्य अनुशंसित दैनिक मात्रा उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए सप्लीमेंट की हाई डोज खुद से शुरू करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। ध्यान रखें कि विटामिन D की मात्रा आमतौर पर IU (International Units) में बताई जाती है, इसलिए लेबल पर लिखी यूनिट को समझना जरूरी है।
ज्यादा विटामिन D शरीर के लिए क्यों खतरनाक है?
विटामिन D शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तो रक्त में कैल्शियम का स्तर भी असामान्य रूप से बढ़ सकता है। इसे हाइपरकैल्सीमिया (Hypercalcemia) कहा जाता है।
कैल्शियम की अधिकता से शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं और गंभीर स्थिति में किडनी से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। यही वजह है कि बिना जरूरत या चिकित्सकीय सलाह के हाई-डोज विटामिन D लेना उचित नहीं माना जाता।
Vitamin D Overdose के संभावित लक्षण
विटामिन D की अधिकता के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ मामलों में ये धीरे-धीरे दिखाई देते हैं और सामान्य कमजोरी या दूसरी छोटी-मोटी परेशानियों जैसे लग सकते हैं। संभावित संकेतों में शामिल हैं:
- लगातार मतली या उल्टी
- बहुत ज्यादा प्यास लगना
- मुंह का बार-बार सूखना
- बार-बार पेशाब आना
- कमजोरी और अत्यधिक थकान
- पैरों या मांसपेशियों में ऐंठन
- वजन कम होना
- चक्कर आने जैसी परेशानी
- सीने में असहजता या दर्द
- गंभीर मामलों में किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना
अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें और आप विटामिन D सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विटामिन D के लिए क्या करें?
विटामिन D शरीर को धूप और कुछ खाद्य पदार्थों से भी मिल सकता है। मछली और अंडे जैसे कुछ खाद्य स्रोत इसमें योगदान दे सकते हैं, जबकि कुछ मशरूम में भी विटामिन D पाया जाता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि हाई-डोज विटामिन D को अपनी मर्जी से लंबे समय तक न लें। अगर आप पहले से कई तरह के सप्लीमेंट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके लेबल पर मौजूद विटामिन D की मात्रा भी जांच लें, ताकि अनजाने में जरूरत से ज्यादा सेवन न हो।
विटामिन D शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ज्यादा मात्रा ज्यादा फायदा देगी। सही मात्रा में सेवन ही इसे फायदेमंद बनाता है, जबकि जरूरत से ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।