सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशक ऐसे माहौल में सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
12 दिनों में सोना-चांदी ने पकड़ी रफ्तार
अगस्त की शुरुआत से ही घरेलू कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी के भाव मजबूत बने हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अब तक MCX पर सोने की कीमत में करीब 12,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी लगभग 22,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।
12 अगस्त को भी दोनों धातुओं में तेजी जारी रही। MCX पर सोने का भाव करीब 1,200 रुपये बढ़कर 1,54,964 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी में लगभग 3,692 रुपये की तेजी आई और इसका भाव 2,39,351 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
कीमती धातुओं में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं। सबसे प्रमुख वजहों में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव शामिल है। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशकों की दिलचस्पी सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में बढ़ सकती है।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने भी बुलियन मार्केट को सपोर्ट दिया है। हालिया अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया, जिससे सोने की मांग को अतिरिक्त सहारा मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। 12 अगस्त को स्पॉट गोल्ड करीब 4,406 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया और दो महीने से अधिक के उच्च स्तर पर कारोबार करता दिखा। चांदी ने भी मजबूती दिखाई और हाल के दिनों में इसका प्रदर्शन बेहतर रहा है।
घरेलू बाजार में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रुपये की चाल, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी सोने-चांदी के भाव को प्रभावित करती हैं।
आगे कहां तक जा सकता है सोना?
बाजार विश्लेषकों की नजर अब सोने के अगले तकनीकी स्तरों पर है। स्रोत रिपोर्ट के अनुसार, Axis Direct ने पहले MCX गोल्ड के लिए 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य रखा था, जिसे कीमत पहले ही पार कर चुकी है। मजबूत तेजी जारी रहने पर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर का स्तर भी चर्चा में है।
हालांकि, किसी भी अनुमान को निश्चित कीमत नहीं माना जा सकता। अंतरराष्ट्रीय तनाव, अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की दिशा, महंगाई और निवेशकों की मांग आने वाले दिनों में सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
चांदी को लेकर भी उम्मीदें मजबूत
चांदी में भी हाल के दिनों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट में मोतीलाल ओसवाल का 2026 के अंत तक चांदी के लिए 3.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का लक्ष्य बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी के लिए 72 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर नजर बनी हुई है।
हालांकि, सोने और चांदी दोनों में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। कीमतों में तेजी के बाद अचानक गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष: अमेरिका-ईरान तनाव, कमजोर डॉलर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं। 12 अगस्त को MCX पर दोनों की कीमतों में हुई तेज बढ़त ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर बुलियन मार्केट की ओर खींचा है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी मौद्रिक नीति के संकेत इन धातुओं की दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।