केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने जून 2026 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) जारी कर दिया है। जून में यह सूचकांक बढ़कर 151.9 पर पहुंच गया, जबकि मई 2026 में यह 150.8 था।
जून के आंकड़े जारी होने के साथ ही जुलाई 2025 से जून 2026 तक के पूरे 12 महीनों का डेटा उपलब्ध हो गया है। इसी औसत के आधार पर जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) तय की जाएगी।
DA में 3% या 4% बढ़ोतरी की संभावना
12 महीनों के AICPI-IW औसत के आधार पर किए गए अनुमान बताते हैं कि इस बार केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60% DA मिल रहा है। यदि सरकार 3% की बढ़ोतरी करती है तो महंगाई भत्ता 63% हो जाएगा। वहीं यदि अंतिम गणना के बाद सरकार राउंडिंग ऑफ के आधार पर अगले पूरे अंक को लागू करती है, तो DA 64% तक पहुंच सकता है। ऐसे में लाखों कर्मचारियों की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
AICPI-IW क्या है और DA तय करने में इसकी क्या भूमिका है?
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) एक ऐसा महंगाई सूचकांक है, जिसके आधार पर केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) की गणना करती है।
यह इंडेक्स यह बताता है कि महंगाई का असर औद्योगिक श्रमिकों की जीवन-यापन लागत पर कितना पड़ा है। इसी के आधार पर हर छह महीने में DA और DR में संशोधन किया जाता है ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर कम किया जा सके।
पिछले एक साल में लगातार बढ़ा महंगाई सूचकांक
जुलाई 2025 से जून 2026 तक AICPI-IW में लगातार मजबूती देखने को मिली। जुलाई 2025 में यह 146.5 था, जो अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2, दिसंबर में 148.2, जनवरी 2026 में 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8 और जून में बढ़कर 151.9 पर पहुंच गया।
इन सभी 12 महीनों का औसत 148.65 रहा है, जो जुलाई 2026 के DA निर्धारण का आधार बना है।
महंगाई भत्ते की गणना कैसे होती है?
केंद्र सरकार एक तय फॉर्मूले के अनुसार महंगाई भत्ते की गणना करती है। जुलाई-दिसंबर 2026 के लिए 12 महीनों का औसत 148.65 रहने पर निर्धारित फॉर्मूले से DA लगभग 63.77% निकलता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस आंकड़े को 63% मानती है या इसे राउंड ऑफ करके 64% लागू करती है। अंतिम निर्णय सरकार की आधिकारिक गणना और राउंडिंग नीति पर निर्भर करेगा।
DA बढ़ोतरी का ऐलान कब हो सकता है?
हर साल की तरह इस बार भी जुलाई से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की घोषणा सितंबर या अक्टूबर 2026 में होने की संभावना है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बढ़ा हुआ DA जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा और कर्मचारियों को बकाया (Arrear) का लाभ भी मिल सकता है।
कर्मचारी संगठनों की क्या है राय?
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल का कहना है कि इस बार 3 प्रतिशत DA बढ़ने की संभावना सबसे अधिक दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक लंबे समय बाद कर्मचारियों को 3% की बढ़ोतरी मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग अब भी यही है कि महंगाई भत्ते को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज किया जाए, जिससे उन्हें स्थायी लाभ मिल सके। इसके अलावा उनका मानना है कि DA की गणना में दशमलव के बाद के आंकड़ों को भी महत्व दिया जाना चाहिए और यदि गणना 63.77% आती है, तो उसे उसी रूप में लागू करने पर विचार होना चाहिए।
सैलरी में कितना बढ़ेगा फायदा?
यदि सरकार 3% DA बढ़ाकर इसे 63% करती है, तो 18,000 रुपये के न्यूनतम बेसिक वेतन वाले लेवल-1 कर्मचारी को हर महीने करीब 540 रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा।
वहीं यदि DA 64% घोषित किया जाता है, तो ऐसे कर्मचारी को हर महीने करीब 720 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। यानी राउंडिंग के फैसले का कर्मचारियों की मासिक आय पर सीधा असर पड़ेगा।
अब सरकार के फैसले का इंतजार
जून 2026 के AICPI-IW आंकड़े आने के बाद इतना लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी मिलेगी। हालांकि अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार 63.77% की गणना को 63% मानती है या 64%।
सितंबर या अक्टूबर में होने वाले आधिकारिक ऐलान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 3 प्रतिशत की राहत मिलेगी या 4 प्रतिशत का फायदा। तब तक सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय पर बनी रहेंगी।