भारतीय रेलवे में खाने-पीने की चीजों पर तय कीमत से अधिक पैसे वसूलने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रेलवे सेवा के अकाउंट पर रोजाना ऐसी कई शिकायतें दर्ज होती हैं। हालांकि, हाल ही में एक यात्री का दावा है कि ओवरचार्जिंग की शिकायत करना उसे भारी पड़ गया और उसे यात्रा के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पानी और कोल्ड ड्रिंक पर ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप
सोशल मीडिया यूजर सरफराज जैन ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ट्रेन में 14 रुपये की लोकल पानी की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही थी। वहीं, 40 रुपये की मैंगो ड्रिंक के लिए 50 रुपये लिए गए। यात्री के अनुसार, उसने इसका वीडियो बनाकर रेलवे से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
सरफराज का कहना है कि शिकायत के बाद संबंधित वेंडर अपने मैनेजर के पास पहुंच गया, जिसके बाद अगले स्टेशन जालंधर पर पहले हटाए जा चुके एक पूर्व ट्रेन मैनेजर ने ट्रेन में प्रवेश किया और उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
झूठे आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश का दावा
यात्री का आरोप है कि पूर्व ट्रेन मैनेजर ने अन्य यात्रियों के सामने उसके खिलाफ गलत बातें फैलाईं। सरफराज के मुताबिक, उस व्यक्ति ने यह दावा किया कि उसने उसकी पत्नी का नंबर फेसबुक से निकालकर अभद्र संदेश भेजे हैं, ताकि यात्रियों को उसके खिलाफ भड़काया जा सके।
इतना ही नहीं, सरफराज ने यह भी आरोप लगाया कि लुधियाना स्टेशन पर उसे जबरन ट्रेन से उतारने की कोशिश की गई, जबकि उसके पास नई दिल्ली तक का वैध टिकट था।
यात्रियों की मदद से टला बड़ा विवाद
सरफराज का कहना है कि कुछ सहयात्रियों ने उसका समर्थन किया, जिससे स्थिति और अधिक नहीं बिगड़ी। सुरक्षा को देखते हुए उसने सरहिंद स्टेशन पर अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त कर दी। इसके बाद वह बस से अंबाला पहुंचा और वहां से दूसरी ट्रेन लेकर नई दिल्ली रवाना हुआ।
यात्री ने रेलवे से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उसका कहना है कि ट्रेन के CCTV फुटेज, स्टाफ के बयान और उपलब्ध वीडियो के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
रेलवे ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस वायरल वीडियो पर रेलवे प्रशासन ने भी प्रतिक्रिया दी है। जम्मू डिवीजन के अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वेंडर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही यात्री को हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स का कहना है कि रेलवे में ओवरचार्जिंग की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई अक्सर सीमित ही नजर आती है। वहीं, कुछ लोगों ने खानपान व्यवस्था में पारदर्शिता और ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी की जरूरत बताई।
हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल रेलवे ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू करने की बात कही है और जांच जारी है।