Gold Silver Price Today: सोने में हल्की तेजी, चांदी ने मारी 1.5% की छलांग, अब इन अहम आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर

Saroj kanwar
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। निवेशकों की निगाहें अमेरिका की जुलाई महीने की नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि यही आंकड़े तय करेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला ले सकता है।

COMEX पर सोना और चांदी दोनों मजबूत

COMEX पर सोने का वायदा (Gold Futures) 4,319.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले स्तर से 19.70 डॉलर (0.46%) अधिक था। वहीं, चांदी ने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुरुआती कारोबार में 1.48% की तेजी के साथ 62.515 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया।

अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का इंतजार

बाजार की पूरी नजर अमेरिका से आने वाली जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट पर है। यह रिपोर्ट इस बात के संकेत दे सकती है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत बनी हुई है और फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में बदलाव करेगा या नहीं।

अगर रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो ब्याज दरें बढ़ने की संभावना मजबूत हो सकती है। वहीं, कमजोर आंकड़े मिलने पर दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कम हो सकती है, जिससे सोने और चांदी को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

कच्चे तेल की गिरावट से मिला सहारा

सोने की कीमतों को कच्चे तेल (Crude Oil) की नरमी से भी मजबूती मिली है। तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम होने की संभावना बढ़ती है, जिससे निवेशकों को उम्मीद रहती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची नहीं रहेंगी। ऐसी स्थिति आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों के लिए सकारात्मक मानी जाती है।

हालांकि, फेडरल रिजर्व की संभावित सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाओं के कारण सोने की तेजी फिलहाल सीमित बनी हुई है।

CME FedWatch Tool क्या संकेत दे रहा है?

CME FedWatch Tool के मुताबिक, बाजार फिलहाल सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना करीब 55% मान रहा है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के हालिया बयानों ने भी सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को बल दिया है।

सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम का कहना है कि जुलाई की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाई जानी चाहिए थीं। हालांकि, फेड ने अपनी पिछली बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50% से 3.75% के दायरे में ही बरकरार रखा, जबकि महंगाई अभी भी उसके 2% लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

अमेरिकी लेबर मार्केट की मिली-जुली तस्वीर

हाल ही में जारी अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों ने मिश्रित संकेत दिए हैं। एक ओर शुरुआती बेरोजगारी दावों (Initial Jobless Claims) में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं जुलाई में छंटनी (Layoffs) दो साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी रोजगार बाजार अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है।

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर

निवेशक वैश्विक राजनीतिक घटनाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ जारी तनाव जल्द कम हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों की सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है।

आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल, वेतन वृद्धि (Wage Growth) और बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) जैसे आंकड़े सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।

यदि रोजगार के आंकड़े मजबूत रहते हैं, तो फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की संभावना बढ़ सकती है, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव आ सकता है। वहीं, कमजोर आर्थिक आंकड़े आने पर ब्याज दरों में राहत की उम्मीद बढ़ेगी, जो सोने और चांदी की कीमतों को नई मजबूती दे सकती है।

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