Gold Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी भी मजबूती के साथ कारोबार करती दिखी। कमजोर अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और वैश्विक आर्थिक संकेतों ने निवेशकों का रुझान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ाया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की ताजा कीमत
COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1.3% की बढ़त देखने को मिली और यह 4,361.30 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 0.65% चढ़कर 62.695 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते रहे।
स्पॉट मार्केट में भी सोना मजबूत रहा और इसकी कीमत 4,285.84 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो 18 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी बुलियन बाजार में फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी दर्ज की गई थी।
क्यों बढ़ रही हैं सोने और चांदी की कीमतें?
1. कमजोर अमेरिकी डॉलर का मिला सहारा
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी ने सोने और चांदी की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब डॉलर कमजोर होता है, तब डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटीज विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती हो जाती हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन की खरीदारी बढ़ी।
2. ट्रेजरी यील्ड में गिरावट
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में कमी आने से निवेशकों का रुझान सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की ओर बढ़ा है। बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होने पर निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने और चांदी को प्राथमिकता देते हैं।
3. पश्चिम एशिया को लेकर सकारात्मक संकेत
वैश्विक बाजार में उस समय सकारात्मक माहौल देखने को मिला जब पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावनाओं की खबरें सामने आईं। कूटनीतिक प्रयासों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की चर्चाओं ने निवेशकों की चिंता कुछ हद तक कम की।
तनाव कम होने की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव बना, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंकाएं कमजोर हुईं। इसका असर यह हुआ कि ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी की संभावना भी कम होती दिखाई दी, जो सोने के लिए अनुकूल संकेत माना जाता है।
4. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
हाल ही में जारी निजी पेरोल आंकड़ों ने अमेरिकी श्रम बाजार में कुछ नरमी के संकेत दिए हैं। इसके बाद निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर नए सिरे से अनुमान लगा रहे हैं।
अब बाजार की नजर 7 अगस्त को जारी होने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट पर टिकी है। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहते हैं, तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है, जिससे सोने को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। वहीं मजबूत रोजगार डेटा आने पर बुलियन बाजार में दबाव भी देखा जा सकता है।
चांदी में भी बनी हुई है मजबूती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। डॉलर में कमजोरी और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का फायदा चांदी को भी मिला। इसके अलावा चांदी की औद्योगिक मांग भी इसकी कीमतों को सहारा दे रही है, क्योंकि इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और कई अन्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
आगे क्या देख रहे हैं निवेशक?
फिलहाल वैश्विक निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति पर बनी हुई है। इन घटनाक्रमों के आधार पर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में बुलियन बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए आगामी आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।