लौंग से उगाएं अपना पौधा! बस इतने घंटे पानी में भिगोकर गमले में लगाएं, देखें कमाल

Saroj kanwar
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अगर आप घर पर किचन गार्डन तैयार करने के शौकीन हैं, तो धनिया, टमाटर, मिर्च या मेथी जैसी सब्जियां और हर्ब्स जरूर उगाते होंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाली लौंग का पौधा भी घर में लगाया जा सकता है? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक आसान तरीका काफी चर्चा में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 24 घंटे पानी में भिगोई गई लौंग को मिट्टी में लगाने से उससे पौधा निकल सकता है। हालांकि, यह तरीका हर बार सफल हो, ऐसा जरूरी नहीं है। अगर लौंग ताजी हो और उसमें अंकुरण की क्षमता मौजूद हो, तो सही देखभाल के साथ पौधा उगने की संभावना बढ़ जाती है।

1. सबसे पहले लौंग को पानी में भिगोएं

इस प्रक्रिया के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाली साबुत लौंग चुनें। इन्हें एक साफ बर्तन में पानी भरकर लगभग 24 घंटे तक भिगोकर रखें। पानी सोखने के बाद लौंग के अंदर मौजूद नमी अंकुरण की प्रक्रिया को सक्रिय करने में मदद कर सकती है।

2. सही मिट्टी और गमले का चुनाव करें

एक छोटा गमला लें और उसमें हल्की, भुरभुरी तथा अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें। मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखने के लिए स्प्रे बोतल से थोड़ा पानी छिड़कें। ध्यान रखें कि मिट्टी नम रहे, लेकिन उसमें पानी जमा न हो, क्योंकि अधिक नमी से लौंग खराब हो सकती है।

3. लौंग को सही गहराई में लगाएं

24 घंटे बाद भीगी हुई लौंग को लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर गहराई तक मिट्टी में दबा दें। ऊपर से हल्की मिट्टी डालें और फिर स्प्रे बोतल से थोड़ा पानी छिड़क दें। सीधे तेज धार से पानी डालने से बचें, ताकि लौंग अपनी जगह से न हटे।

4. प्लास्टिक की बोतल से बनाएं मिनी ग्रीनहाउस

गमले को किसी पारदर्शी प्लास्टिक की बोतल के निचले हिस्से से ढक दें। इससे गमले के अंदर नमी लंबे समय तक बनी रहती है और एक छोटा ग्रीनहाउस जैसा वातावरण तैयार हो जाता है, जो अंकुरण के लिए अनुकूल माना जाता है।

5. रोजाना हल्की सिंचाई करें

गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी मिले लेकिन तेज धूप सीधे न पड़े। मिट्टी सूखने लगे तो स्प्रे बोतल से हल्का पानी दें। यदि लौंग में अंकुरण की क्षमता होगी, तो कुछ दिनों या कुछ हफ्तों के भीतर छोटे हरे अंकुर दिखाई देने लग सकते हैं।

धैर्य रखना है सबसे जरूरी

लौंग का पौधा तेजी से विकसित नहीं होता, इसलिए इसे उगाने में समय और धैर्य दोनों की जरूरत होती है। साथ ही यह भी याद रखें कि बाजार में मिलने वाली अधिकांश लौंग सुखाई और प्रोसेस की जाती है, इसलिए उनमें अंकुरण की क्षमता खत्म हो सकती है। यही कारण है कि यह तरीका एक गार्डनिंग एक्सपेरिमेंट की तरह माना जाता है। यदि आपकी लगाई हुई लौंग से अंकुर निकल आते हैं, तो समझिए आपका प्रयास सफल रहा।

नोट: बेहतर परिणाम के लिए ताजी और बिना अधिक प्रोसेस की गई लौंग का उपयोग करना अधिक फायदेमंद माना जाता है।

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