EPFO Update: कर्मचारी की मृत्यु के बाद बंद हो जाता है PF अकाउंट या नहीं? क्लेम के नियम जानें

Saroj kanwar
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किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान अचानक मृत्यु हो जाने पर परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि कर्मचारी के PF (Provident Fund) खाते में जमा रकम का क्या होगा। कई लोगों को यह भी नहीं पता होता कि क्या सदस्य की मौत के बाद PF अकाउंट अपने आप बंद हो जाता है, उस पर ब्याज मिलता रहता है या नहीं और क्लेम करने का अधिकार किसके पास होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इन सभी सवालों के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं। यदि परिवार समय रहते क्लेम प्रक्रिया पूरी कर ले, तो PF, पेंशन और EDLI बीमा योजना का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

क्या सदस्य की मृत्यु के बाद PF अकाउंट तुरंत बंद हो जाता है?

EPFO के नियमों के अनुसार, किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उसका PF अकाउंट तुरंत बंद नहीं किया जाता। हालांकि यदि मृत्यु के बाद लगातार तीन वर्षों तक खाते से जुड़ा कोई क्लेम या अन्य गतिविधि नहीं होती, तो उस खाते को इनऑपरेटिव (Inactive) घोषित कर दिया जाता है। इसलिए परिवार या नॉमिनी को बिना देरी किए क्लेम प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

मौत के बाद कितने समय तक मिलता है PF पर ब्याज?

EPFO की व्यवस्था के तहत कर्मचारी की मृत्यु या रिटायरमेंट के बाद भी PF खाते में जमा राशि पर अधिकतम तीन साल तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन यदि इस अवधि के भीतर कोई क्लेम नहीं किया जाता, तो तीन साल पूरे होने के बाद खाते को इनऑपरेटिव मान लिया जाता है और उस पर आगे ब्याज मिलना बंद हो जाता है।

इनऑपरेटिव PF अकाउंट का क्या मतलब है?

इनऑपरेटिव अकाउंट वह होता है जिसमें लंबे समय तक कोई लेन-देन या क्लेम नहीं किया गया हो। ऐसे खाते में जमा मूल राशि सुरक्षित रहती है, लेकिन उस पर भविष्य में ब्याज नहीं जुड़ता। यही वजह है कि समय पर क्लेम करना आर्थिक रूप से फायदेमंद माना जाता है।

सदस्य की मृत्यु के बाद PF का पैसा कौन प्राप्त कर सकता है?

यदि कर्मचारी की नौकरी के दौरान या उसके बाद मृत्यु हो जाती है, तो उसके PF खाते की राशि पर सबसे पहले नॉमिनी का अधिकार होता है। यदि नॉमिनी नहीं है, तो कानूनी वारिस या अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके राशि का दावा कर सकते हैं। इसके लिए EPFO में आवश्यक दस्तावेज और संबंधित फॉर्म जमा करना अनिवार्य होता है।

नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर कौन-कौन से फॉर्म भरने होंगे?

यदि कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होती है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस को अलग-अलग लाभों के लिए अलग फॉर्म जमा करने होते हैं।

  • Form 20 – PF का फाइनल सेटलमेंट प्राप्त करने के लिए।
  • Form 10D – मासिक पेंशन का दावा करने के लिए।
  • Form 5IF – EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) योजना के तहत बीमा राशि प्राप्त करने के लिए।

ये फॉर्म उन मामलों में लागू होते हैं जहां सदस्य ने EPFO के नियमों के अनुसार आवश्यक पात्रता पूरी की हो।

यदि कर्मचारी ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं की हो तो क्या होगा?

अगर कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान हुई है और उसने 10 वर्ष की पात्र सेवा पूरी नहीं की, तो भी परिवार PF राशि का दावा कर सकता है। ऐसी स्थिति में Form 20 और Form F जमा करना होता है। वहीं पेंशन से जुड़ी निकासी के लिए Composite Claim Form (Aadhaar या Non-Aadhaar) के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

नौकरी छोड़ने के बाद मृत्यु होने पर क्लेम कैसे होगा?

यदि कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद निधन हो जाता है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस Form 20 के जरिए PF की अंतिम राशि और Form 10D के माध्यम से पेंशन का दावा कर सकते हैं। इसके लिए सभी आवश्यक दस्तावेज EPFO कार्यालय में जमा करने होते हैं।

क्या परिवार को EDLI बीमा योजना का लाभ भी मिलता है?

हां, यदि कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान होती है, तो उसके परिवार या नॉमिनी को Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) योजना का लाभ भी मिल सकता है। इसके लिए Form 5IF भरकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना आवश्यक है।

समय पर क्लेम करना क्यों है जरूरी?

EPFO के नियम बताते हैं कि यदि सदस्य की मृत्यु के बाद तीन साल तक कोई क्लेम नहीं किया जाता, तो PF खाता इनऑपरेटिव हो जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि जमा राशि सुरक्षित रहती है, लेकिन ब्याज रुकने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए परिवार, नॉमिनी या कानूनी वारिस को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द क्लेम प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

समय पर आवेदन करने से PF सेटलमेंट, पेंशन और EDLI बीमा योजना का लाभ बिना किसी अनावश्यक देरी के प्राप्त किया जा सकता है, जिससे परिवार को आर्थिक सहायता मिलने में आसानी होती है।

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