8वें वेतन आयोग पर सरकार का नया अपडेट, राज्यसभा में बताया- प्रोग्रेस रिपोर्ट देना अनिवार्य नहीं

Saroj kanwar
5 Min Read

8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आयोग को अपनी कार्य प्रगति (Progress Report), विचार-विमर्श या संभावित सिफारिशों की जानकारी समय-समय पर सरकार को देने की कोई बाध्यता नहीं है। आयोग अपने तय नियमों (Terms of Reference – ToR) के अनुसार पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करेगा।

सरकार को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने की कोई अनिवार्यता नहीं

राज्यसभा में 28 जुलाई को पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत आयोग को अपनी प्रगति रिपोर्ट, तैयार हो रही सिफारिशों या आंतरिक चर्चाओं की जानकारी नियमित रूप से केंद्र सरकार को देनी पड़े।

उन्होंने कहा कि आयोग अपनी प्रक्रिया के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करेगा और अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय पर सरकार को सौंपेगा।

अपनी कार्यप्रणाली खुद तय करेगा 8वां वेतन आयोग

सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन और उसके Terms of Reference जारी किए थे। इन नियमों में स्पष्ट किया गया है कि आयोग अपनी कार्यप्रणाली स्वयं निर्धारित करेगा। यानी आयोग यह तय करेगा कि किस प्रकार से सुझाव लिए जाएंगे, किन संगठनों से चर्चा होगी और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया कैसी होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य आयोग को निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से काम करने की सुविधा देना है।

राज्यसभा में क्या पूछा गया था?

राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने सरकार से 8वें वेतन आयोग की प्रगति को लेकर कई अहम सवाल पूछे थे। इनमें मुख्य रूप से यह जानना चाहा गया था कि—

  • आयोग अब तक कितनी बैठकें कर चुका है।
  • किन कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से परामर्श किया गया है।
  • क्या कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर की गणना में परिवार की इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने की मांग रखी है।
  • यदि ऐसी मांग की गई है तो उस पर आयोग या सरकार का क्या रुख है।
  • आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को कब तक सौंप सकता है।

सरकार ने रिपोर्ट की समय-सीमा भी बताई

इन सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 3 नवंबर 2025 को जारी प्रस्ताव के अनुसार 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को प्रस्तुत करेगा।

यानी आयोग को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपनी होगी।

हितधारकों से लगातार बातचीत कर रहा है आयोग

वर्तमान में 8वां वेतन आयोग देश के विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों, सरकारी संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों (Stakeholders) के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग ने सुझाव और ज्ञापन (Memorandum) प्राप्त करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध कराया है, जहां इच्छुक संगठन अपनी बात दर्ज करा सकते हैं।

8वें वेतन आयोग की आगामी बैठकों का कार्यक्रम

आयोग ने अलग-अलग शहरों में होने वाली बैठकों का कार्यक्रम भी जारी किया है।

  • दिल्ली: 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 | आवेदन की अंतिम तिथि – 31 जुलाई 2026
  • चेन्नई: 8 सितंबर 2026 | आवेदन की अंतिम तिथि – 18 अगस्त 2026
  • पुदुचेरी: 9 सितंबर 2026 | आवेदन की अंतिम तिथि – 18 अगस्त 2026

आयोग से मिलने के लिए क्या करना होगा?

आयोग के सचिव राजेश चौधरी ने बताया कि जो कर्मचारी संगठन, सरकारी संस्थान या यूनियन आयोग के सदस्यों से मिलकर अपने सुझाव देना चाहते हैं, उन्हें तय समयसीमा के भीतर अपॉइंटमेंट लेना होगा।

इसके लिए आयोग की वेबसाइट पर पहले अपना मेमोरेंडम (Memorandum) जमा करना होगा। मेमोरेंडम जमा करने के बाद आवेदक को एक Unique Memo ID प्राप्त होगी, जिसे बैठक के लिए आवेदन करते समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?

सरकार के ताजा बयान से साफ है कि 8वां वेतन आयोग पूरी स्वतंत्रता के साथ अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। फिलहाल आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने और परामर्श की प्रक्रिया में जुटा है। अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद वेतन, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों में संभावित बदलावों पर निर्णय लिया जाएगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *