भोपाल को मिला नया रेलवे स्टेशन, अब इन ट्रेनों के यात्रियों का बचेगा समय और मिलेगी बड़ी राहत

Saroj kanwar
5 Min Read

Bhopal Nishatpura Railway Station: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को रेलवे नेटवर्क के लिहाज से एक बड़ी सौगात मिली है। लंबे समय तक वीरान रहने और ‘भूतिया स्टेशन’ के नाम से चर्चा में रहे निशातपुरा रेलवे स्टेशन का अब औपचारिक संचालन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके उद्घाटन के साथ इसे यात्रियों के लिए समर्पित करेंगे। स्टेशन शुरू होने के बाद मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन भी यहां से किया जाएगा।

भोपाल में लगातार बढ़ती आबादी और रेलवे ट्रैफिक को देखते हुए यह स्टेशन भविष्य में बड़ी राहत देने वाला साबित होगा। रानी कमलापति स्टेशन और भोपाल जंक्शन के बाद अब निशातपुरा शहर का तीसरा प्रमुख सैटेलाइट रेलवे स्टेशन बन गया है।

भोपाल जंक्शन पर कम होगा ट्रेनों का दबाव

भोपाल जंक्शन प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है, जहां प्रतिदिन 150 से अधिक ट्रेनों की आवाजाही होती है। अब कई मालगाड़ियों और बायपास रूट की ट्रेनों का संचालन निशातपुरा स्टेशन से होने लगेगा। इससे मुख्य जंक्शन पर प्लेटफॉर्म की भीड़ कम होगी और आउटर पर ट्रेनों को लंबे समय तक सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसका सीधा फायदा दूसरी ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही में मिलेगा।

करोंद और आसपास के लोगों का सफर होगा आसान

निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से करोंद, निशातपुरा, बैरसिया रोड, गांधी नगर और अयोध्या बायपास जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए शहर के बीचों-बीच स्थित भोपाल जंक्शन या रानी कमलापति स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रियों का समय व खर्च दोनों कम होंगे।

ट्रेनों की यात्रा में 30 से 45 मिनट तक की बचत

अब तक इंदौर और उज्जैन की दिशा से आने वाली कई ट्रेनों को भोपाल जंक्शन पहुंचकर इंजन रिवर्स करना पड़ता था, जिससे करीब आधे घंटे से अधिक समय लग जाता था। चूंकि निशातपुरा स्टेशन सीधे बीना-उज्जैन बायपास रेल लाइन पर स्थित है, इसलिए अब ऐसी ट्रेनें बिना अतिरिक्त रुकावट के आगे बढ़ सकेंगी। इससे यात्रियों का 30 से 45 मिनट तक का समय बचने की उम्मीद है।

मालवा और बुंदेलखंड के बीच बेहतर रेल संपर्क

निशातपुरा रेलवे स्टेशन सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगा। उज्जैन, देवास और इंदौर जैसे मालवा क्षेत्र के शहरों से बीना, सागर, छतरपुर और खजुराहो की ओर जाने वाली मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा होगी। इसका सबसे अधिक लाभ रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

निशातपुरा रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां यात्रियों के लिए चौड़े प्लेटफॉर्म, शेडयुक्त प्रतीक्षा क्षेत्र, नया फुट ओवरब्रिज, सामान्य और आरक्षित टिकट काउंटर, दिव्यांग अनुकूल रैंप और साफ-सुथरे प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। इसके अलावा दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

आखिर ‘भूतिया स्टेशन’ क्यों कहलाने लगा था निशातपुरा?

निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण जून 2023 में पूरा हो गया था, लेकिन तकनीकी मंजूरियों और अन्य प्रशासनिक कारणों से यहां लंबे समय तक ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। करीब तीन वर्षों तक स्टेशन पूरी तरह सुनसान रहा। यहां न नियमित रेलवे स्टाफ की तैनाती थी, न यात्रियों की आवाजाही और न ही किसी ट्रेन का ठहराव।

इसी वजह से यह स्टेशन धीरे-धीरे वीरान जगह के रूप में मशहूर हो गया। समय के साथ पैरानॉर्मल गतिविधियों और रहस्यमयी स्थानों में रुचि रखने वाले लोग यहां आने लगे। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगीं, जिसके बाद लोगों ने इसे ‘भूतिया रेलवे स्टेशन’ कहना शुरू कर दिया।

निष्कर्ष

निशातपुरा रेलवे स्टेशन का संचालन शुरू होना भोपाल और मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल भोपाल जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा, बल्कि हजारों यात्रियों का समय बचेगा, स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और पूरे क्षेत्र में रेल संचालन पहले की तुलना में अधिक सुचारू हो सकेगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *