Gold Price Forecast 2026: पिछले कुछ समय से सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहने वाली। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में गोल्ड मार्केट में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है और कीमतों में और गिरावट की आशंका बनी हुई है।
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड बना रहे दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका से जुड़े आर्थिक संकेतकों का है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और लगातार बढ़ रही रियल तथा बॉन्ड यील्ड्स की वजह से निवेशकों का रुझान सोने से हटकर दूसरे निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
निचले स्तर से संभला सोना, लेकिन जोखिम बरकरार
बाजार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह सोना जून के निचले स्तर 3,943 डॉलर प्रति औंस से कुछ ऊपर उठने में सफल रहा। हालांकि, अमेरिकी 10-वर्षीय TIPs (Treasury Inflation-Protected Securities) यील्ड 2.44 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो 2025 के उच्च स्तर से भी आगे निकल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यील्ड इस स्तर पर बनी रहती है या इससे ऊपर जाती है, तो यह वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसका असर शेयर बाजार के साथ-साथ सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है और गोल्ड में एक और गिरावट देखने को मिल सकती है।
डिप-बाइंग ने दी कीमतों को राहत
हालांकि पिछले सप्ताह सोने में हल्की रिकवरी भी दर्ज की गई। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में सप्ताहभर में लगभग 1.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 4,067 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। इसके साथ ही सोना दोबारा 4,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा।
विश्लेषकों के मुताबिक, इस तेजी की सबसे बड़ी वजह डिप-बाइंग रही। जब कीमतें नीचे आईं तो निवेशकों ने खरीदारी बढ़ा दी, जिससे सोने को मजबूती मिली और यह अहम स्तर के ऊपर बना रहा।
तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?
चार्ट पैटर्न पर नजर डालें तो विशेषज्ञ इस उछाल को केवल अस्थायी राहत मान रहे हैं। उनका कहना है कि जनवरी से जारी गिरावट का ट्रेंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यदि सोने में दोबारा बिकवाली बढ़ती है तो इसका अगला मजबूत सपोर्ट 3,857 डॉलर से 3,887 डॉलर प्रति औंस के बीच माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,048.98 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में जो निवेशक या खरीदार सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें बाजार की चाल पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी नजर
बाजार की अगली दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन यदि फेड की ओर से सख्त रुख अपनाया जाता है या महंगाई के आंकड़े अनुमान से अधिक आते हैं, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर फिर से दबाव बढ़ने की संभावना है।
भारत में कितना गिर सकता है सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में फिलहाल सोने का भाव करीब ₹1,24,750 प्रति 10 ग्राम के आसपास है। पिछले सप्ताह कीमतों ने लगभग ₹1,25,300 का स्तर छुआ था। यदि बाजार में गिरावट का दौर दोबारा शुरू होता है, तो सोना ₹1,18,800 से ₹1,19,750 के दायरे तक फिसल सकता है।