गाजियाबाद: जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने वाले गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद मालिक इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई तरह की अफवाहें और वीडियो वायरल होने के बाद जुनैद ने खुद सामने आकर इन दावों का खंडन किया है।
जुनैद ने इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैलाई जा रही बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि यह उनके खिलाफ रचा जा रहा षड़यंत्र है। उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, उनका परिवार सुरक्षित है और आंदोलन की टॉप लीडरशिप भी उनके साथ खड़ी है।
पुलिस ने की पूछताछ
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी मोहम्मद जुनैद छात्रों के आंदोलन के दौरान लगातार सेवादार के रूप में भोजन और पानी उपलब्ध कराते रहे। आंदोलन समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनसे इस सेवा के संबंध में पूछताछ की। पुलिस ने उनके परिवार और मेरठ में रहने वाली उनकी बहन से भी जानकारी ली। परिवार का आरोप है कि पूछताछ के दौरान बैंक खातों सहित कई अन्य विषयों पर सवाल किए गए।
सेवा के लिए धन का स्रोत पूछा
जुनैद ने इससे पहले जारी एक वीडियो में बताया था कि पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए ले गई थी और बाद में छोड़ दिया। उनके अनुसार पुलिस यह जानना चाहती थी कि छात्रों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने के लिए धन कहां से आया। जुनैद ने बताया कि वह पेशे से मोबाइल रिपेयर का काम करते हैं।
अफवाहों का किया खंडन
सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि छात्र आंदोलन की शीर्ष नेतृत्व टीम जुनैद के समर्थन में नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जुनैद ने कहा कि ऐसी सभी बातें निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की टॉप लीडरशिप उनके साथ है और लोगों को भ्रामक खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।