बारिश में कूलर की हवा क्यों लगती है चिपचिपी? सिर्फ 300 रुपये की ट्रिक से मिलेगी बेहतर कूलिंग

Saroj kanwar
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जून और जुलाई में मानसून आने के साथ ही मौसम पूरी तरह बदल जाता है। तेज गर्मी की जगह हवा में नमी बढ़ने लगती है। ऐसे समय में कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका एयर कूलर पहले जैसी ठंडी हवा नहीं दे रहा। कुछ मामलों में तो कूलर से निकलने वाली हवा कमरे को ठंडा करने के बजाय और ज्यादा उमस भरा बना देती है।

अक्सर लोगों को लगता है कि कूलर में कोई तकनीकी खराबी आ गई है, जबकि असली वजह कुछ और होती है। ज्यादातर मामलों में समस्या कूलर की नहीं, बल्कि कमरे में सही एयर सर्कुलेशन न होने की होती है। अच्छी बात यह है कि बिना ज्यादा खर्च किए भी इस परेशानी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

बारिश के मौसम में कूलर की कूलिंग क्यों घट जाती है?

एयर कूलर इवैपोरेटिव कूलिंग (Evaporative Cooling) तकनीक पर काम करता है। इसमें बाहर की अपेक्षाकृत सूखी हवा पानी से भीगे कूलिंग पैड से होकर गुजरती है और ठंडी होकर कमरे के अंदर पहुंचती है।

लेकिन मानसून के दौरान हवा में पहले से ही नमी काफी अधिक होती है। ऐसे में कूलर द्वारा छोड़ी गई नम हवा कमरे के अंदर ही जमा होने लगती है। यदि इस हवा के बाहर निकलने का रास्ता नहीं हो, तो कमरे में उमस लगातार बढ़ती जाती है। इसका असर यह होता है कि शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, कमरा भारी महसूस होता है और कूलर की ठंडक भी कम लगने लगती है। यानी असली समस्या क्रॉस वेंटिलेशन (Cross Ventilation) की कमी होती है।

300 रुपये की ट्रिक से मिल सकती है राहत

अगर कमरे की नमी कम करनी है, तो बाजार में मिलने वाले डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) एक अच्छा विकल्प हैं, लेकिन इनकी कीमत आमतौर पर 10,000 से 15,000 रुपये तक होती है।

यदि इतना खर्च नहीं करना चाहते, तो लगभग 300 रुपये की कीमत वाला एक छोटा एग्जॉस्ट फैन भी काफी असरदार साबित हो सकता है। यह कमरे के अंदर जमा नम और गर्म हवा को बाहर निकालने में मदद करता है।

ऐसे करें एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल

1. कूलर की सही जगह तय करें

कूलर को पूरी तरह कमरे के अंदर रखने के बजाय उसे खिड़की या दरवाजे के पास रखें, ताकि वह बाहर की अपेक्षाकृत ताजी हवा खींच सके।

2. हवा निकलने का रास्ता बनाएं

कमरे में उस जगह को चुनें जो कूलर से सबसे दूर हो। यदि वहां खिड़की, रोशनदान या वेंट मौजूद है, तो उसी स्थान पर एग्जॉस्ट फैन लगाना बेहतर रहेगा।

3. फैन की दिशा सही रखें

ध्यान रखें कि एग्जॉस्ट फैन हवा को कमरे के अंदर नहीं, बल्कि बाहर की ओर फेंके। इससे कमरे में मौजूद नमी और गर्म हवा लगातार बाहर निकलती रहेगी।

इससे क्या फायदा होगा?

जब एयर कूलर और एग्जॉस्ट फैन एक साथ काम करते हैं, तो कमरे में बेहतर एयर फ्लो बनता है। कूलर बाहर की अपेक्षाकृत ठंडी हवा अंदर भेजता है, जबकि एग्जॉस्ट फैन अंदर जमा गर्म और नम हवा को बाहर निकाल देता है।

इस प्रक्रिया से कमरे में नमी कम रहती है, हवा ताजा महसूस होती है और कूलर की कूलिंग पहले के मुकाबले ज्यादा प्रभावी लगती है। बेहतर क्रॉस वेंटिलेशन की वजह से कमरे में ठंडक भी लंबे समय तक बनी रहती है।

कूलर की बेहतर कूलिंग के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • कमरे की सभी खिड़कियां और दरवाजे पूरी तरह बंद न रखें।
  • कूलिंग पैड की समय-समय पर सफाई करते रहें।
  • कूलर में हमेशा साफ पानी का इस्तेमाल करें।
  • पंप, फैन और अन्य हिस्सों की नियमित जांच करते रहें।

निष्कर्ष

अगर बारिश के मौसम में आपका एयर कूलर पहले जैसी ठंडी हवा नहीं दे रहा है, तो तुरंत नया AC खरीदने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले कमरे के एयर सर्कुलेशन और क्रॉस वेंटिलेशन को बेहतर बनाने की कोशिश करें। कई बार सिर्फ एक छोटा एग्जॉस्ट फैन और सही वेंटिलेशन ही कूलर की कूलिंग में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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