दिल्ली की नई EV पॉलिसी लागू: 2028 से पेट्रोल बाइक पर रोक, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बड़ा फायदा

Saroj kanwar
5 Min Read

देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाली दोपहिया गाड़ियों को लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। अब दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 ने इन अटकलों पर मुहर लगा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अप्रैल 2028 से दिल्ली में नई पेट्रोल बाइक और स्कूटर का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।

यह नई नीति 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई है और मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का लक्ष्य राजधानी में प्रदूषण कम करना, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। इसके लिए अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

2028 के बाद नहीं होगा पेट्रोल बाइक का नया रजिस्ट्रेशन

नई EV पॉलिसी के अनुसार, अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यानी दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाली नई बाइक या स्कूटर खरीदकर उनका रजिस्ट्रेशन कराना संभव नहीं होगा। ऐसे वाहन खरीदने के इच्छुक लोगों को या तो इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाना होगा या किसी अन्य राज्य में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।

2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से मिलेगी राहत

दिल्ली सरकार पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट देती रही है। नई नीति के तहत यह सुविधा मार्च 2030 तक जारी रहेगी। यह लाभ 30 लाख रुपये तक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू होगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग EV खरीदने के लिए प्रेरित हों।

चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क होगा मजबूत

इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को आसान बनाने के लिए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करेगी। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड शहरभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाएगा। इसके अलावा बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों का नेटवर्क भी मजबूत किया जाएगा ताकि EV उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

2027 से तीन पहिया और मिनी ट्रक भी होंगे पूरी तरह इलेक्ट्रिक

नई नीति में तीन पहिया और छोटे व्यावसायिक वाहनों के लिए भी बड़े बदलाव किए गए हैं।

  • 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन होगा।
  • इसी तारीख से इलेक्ट्रिक मिनी ट्रक ही रजिस्टर किए जाएंगे।
  • पेट्रोल, डीजल या CNG से चलने वाले नए ऑटो और छोटे ट्रक का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाइब्रिड वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी सब्सिडी और अन्य लाभ नहीं मिलेंगे।

स्कूल बसों के लिए भी नया लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लक्ष्य तय किया है कि 2030 तक कम से कम 30 प्रतिशत स्कूल बसें इलेक्ट्रिक हों।

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगा आकर्षक इंसेंटिव

EV अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन

  • पहले वर्ष: 30,000 रुपये
  • दूसरे वर्ष: 20,000 रुपये
  • तीसरे वर्ष: 10,000 रुपये

इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन

  • पहले वर्ष: 50,000 रुपये
  • दूसरे वर्ष: 40,000 रुपये
  • तीसरे वर्ष: 30,000 रुपये

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर भी मिलेगा लाभ

नई EV पॉलिसी के तहत पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

  • BS-IV या उससे पुराने चार पहिया वाहन स्क्रैप कर EV खरीदने पर 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन।
  • दोपहिया वाहन स्क्रैप करने पर 10,000 रुपये
  • तीन पहिया वाहन स्क्रैप करने पर 25,000 रुपये
  • कमर्शियल ट्रक स्क्रैप करने पर 50,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।

दिल्ली EV पॉलिसी का उद्देश्य

नई EV पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य राजधानी में वायु प्रदूषण कम करना, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज़ी से बढ़ावा देना है। सरकार को उम्मीद है कि टैक्स छूट, बेहतर चार्जिंग नेटवर्क और आकर्षक इंसेंटिव की मदद से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएंगे।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *