Robert Kiyosaki On Gold: ‘मैं गलत था…’, सोने की गिरती कीमतों पर रॉबर्ट कियोसाकी का बड़ा कबूलनामा

Saroj kanwar
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नई दिल्ली: दुनिया की चर्चित पर्सनल फाइनेंस किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी अक्सर सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े अपने विचार साझा करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक नई पोस्ट के जरिए स्वीकार किया कि सोने की कीमतों को लेकर उनका पिछला अनुमान सही साबित नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका लंबे समय का नजरिया अब भी नहीं बदला है और निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

सोने की कीमतों पर क्या बोले कियोसाकी?

रॉबर्ट कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सोने की कीमतें मौजूदा समय तक काफी ऊपर पहुंच जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने खुलकर माना कि इस मामले में उनका आकलन गलत था। इसके बावजूद उनका मानना है कि सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी संपत्तियां आने वाले समय में निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प बनी रहेंगी।

गिरते दामों को बताया अवसर

कियोसाकी का कहना है कि यदि सोने की कीमतों में और गिरावट आती है तो इसे नुकसान नहीं बल्कि खरीदारी का मौका समझना चाहिए। उनका मानना है कि मजबूत एसेट्स में गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए बेहतर एंट्री पॉइंट साबित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है और निवेशकों को केवल छोटी अवधि की कीमतों के आधार पर फैसले नहीं लेने चाहिए।

क्यों है सोने पर भरोसा?

रॉबर्ट कियोसाकी लंबे समय से पारंपरिक करेंसी और बढ़ते सरकारी कर्ज को लेकर चिंता जताते रहे हैं। उनका मानना है कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी संपत्तियां धन को सुरक्षित रखने का बेहतर माध्यम बन सकती हैं।

उनके अनुसार, जब महंगाई बढ़ती है या वैश्विक आर्थिक जोखिम गहराते हैं, तब निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ जाता है। यही वजह है कि वे लगातार इन एसेट्स में निवेश की सलाह देते रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

कियोसाकी ने निवेशकों को सलाह दी कि बाजार की अल्पकालिक हलचलों से घबराने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी मजबूत एसेट की कीमत गिरती है तो उसे अवसर के रूप में देखना अधिक समझदारी हो सकती है।

हालांकि, किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि का आकलन करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

सोने के बाजार पर रहेगी नजर

हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में निवेशकों की नजर आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी रहेगी, क्योंकि यही कारक सोने की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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