8th Pay Commission: क्या स्वीकार कर ली गई हैं TOR से जुड़ी सिफारिशें? एक्सपर्ट ने किया साफ, बताया पूरा सच

Saroj kanwar
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लिए ‘Terms of Reference’ (ToR) को अक्टूबर 2025 में मंजूरी दे दी थी। इस फैसले के बाद करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की उम्मीदें तेज हो गई हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है।

सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर सफाई

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि वेतन आयोग ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कई सुझाव स्वीकार कर लिए हैं। हालांकि, ऑल इंडिया NPS इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है।

उनका कहना है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जाती। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही इन्हें आगे शेयर करें। संगठन का कहना है कि सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनकी आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही जारी किए जाते हैं।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) एक महत्वपूर्ण गुणक होता है, जिसका उपयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बेसिक सैलरी को संशोधित करने के लिए किया जाता है। इसी के आधार पर नई वेतन संरचना तैयार की जाती है।

सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जो 2016 से प्रभावी हुआ। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 थी, तो वह बढ़कर ₹38,550 तक पहुंच गई थी।

8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ोतरी संभव?

विशेषज्ञों के अनुसार, वेतन में वास्तविक वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को कितनी मंजूरी देती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिल सकता है।

एक उदाहरण के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान वेतन 100 रुपये है और उस पर 60% महंगाई भत्ता (DA) जोड़कर कुल वेतन 160 रुपये हो जाता है, तो नए फिटमेंट फैक्टर के लागू होने पर यह लगभग 200 रुपये तक पहुंच सकता है। इस स्थिति में प्रभावी वृद्धि करीब 25% के आसपास मानी जा सकती है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कम फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर भी सरकारी खर्च बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को फिर भी संतोषजनक वेतन वृद्धि मिलने की संभावना बनी रहती है।

आयोग की मौजूदा स्थिति क्या है?

8वां वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है और कर्मचारी संगठनों व यूनियनों से बातचीत कर उनके सुझाव और मांगें रिकॉर्ड कर रहा है। यूनियनों की ओर से वेतन वृद्धि के साथ-साथ रिटायरमेंट लाभों में सुधार की मांग भी की जा रही है।

लागू होने की समयसीमा

सरकार ने अक्टूबर 2025 में आयोग के कार्यक्षेत्र को मंजूरी दी थी। हालांकि आयोग ने काम शुरू कर दिया है और 1 जनवरी 2026 से इसे लागू माना जा रहा है, फिर भी इसकी अंतिम सिफारिशें तैयार होने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है।

आयोग ने हितधारकों से सुझाव लेने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। इसके बाद सभी सुझावों की समीक्षा कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

निष्कर्ष: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उम्मीदें बढ़ी हुई हैं, लेकिन वास्तविक वेतन वृद्धि आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर ही निर्भर करेगी।

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