केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। आयोग के गठन को करीब आठ महीने हो चुके हैं और अब इसके पास अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए लगभग 10 महीने का समय बचा है। इस दौरान आयोग का मुख्य फोकस वेतन, पेंशन और विभिन्न भत्तों में संशोधन पर रहेगा, जिससे लगभग 55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स प्रभावित होंगे।
सितंबर में DA बढ़ोतरी की उम्मीद
सूत्रों और कर्मचारी संगठनों के अनुसार, इस साल सितंबर में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा संभव है। आमतौर पर केंद्र सरकार हर साल DA संशोधन सितंबर या अक्टूबर के आसपास करती है, हालांकि कई बार इसमें थोड़ा विलंब भी देखा गया है।
फिलहाल DA 60% के स्तर तक पहुंच चुका है, जिसे जनवरी में किए गए 2% के इजाफे के बाद लागू किया गया था। अब कर्मचारियों को अगली संशोधित किस्त का इंतजार है।
AICPI-IW डेटा से तय होता है DA
महंगाई भत्ते की गणना सीधे तौर पर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है। हाल ही में अप्रैल 2026 का AICPI-IW आंकड़ा 0.8 अंक बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 के DA रिवीजन पर असर डाल सकती है, जो मई और जून के आंकड़ों पर आधारित होगा।
कर्मचारी संगठनों की बड़ी मांगें
कर्मचारी यूनियनों और संगठनों ने 15 जून 2026 तक अपने सुझाव 8वें वेतन आयोग को सौंप दिए हैं। इन सुझावों में वेतन संरचना में बड़े बदलाव, पेंशन सुधार और रिटायरमेंट लाभों में बढ़ोतरी की मांग शामिल है।
सबसे प्रमुख मांगों में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाना और न्यूनतम मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि शामिल है, जिससे कर्मचारियों की आय में बड़ा सुधार हो सकता है।
राज्यों में फीडबैक प्रक्रिया जारी
सुझावों की समीक्षा के साथ-साथ वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा भी कर रहा है, ताकि कर्मचारियों से सीधे फीडबैक लिया जा सके। कई राज्यों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है और बाकी जगहों पर काम जारी है।
आगे क्या उम्मीद है?
अब सभी की नजरें आयोग की रिपोर्ट और सरकार की आगामी घोषणाओं पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी वित्तीय राहत मिलने की संभावना है।