अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर चल रही एसआईटी जांच के बीच दान संग्रह में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे में उल्लेखनीय कमी आई है। इसकी एक वजह जांच के चलते बनी परिस्थितियां और दूसरी वजह भक्तों के बीच फैली भ्रम की स्थिति बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, जहां पहले मंदिर में प्रतिदिन करीब 15 लाख रुपये तक का चढ़ावा पहुंच रहा था, वहीं शनिवार को यह आंकड़ा घटकर लगभग 5 लाख रुपये रह गया। यानी रोजाना मिलने वाले दान में करीब 72 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सामान्य दिनों में हर महीने 8 से 9 करोड़ रुपये तक का चढ़ावा प्राप्त होता है, जबकि बड़े धार्मिक पर्व और त्योहारों के दौरान यह राशि 14 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। हालांकि, बीते एक सप्ताह से चल रही एसआईटी जांच के कारण दान की गणना की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
बताया जा रहा है कि बैंक के करीब 40 आउटसोर्स कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। ये कर्मचारी प्रतिदिन 5 से 6 घंटे तक जांच प्रक्रिया में शामिल रहते हैं, जिसके चलते चढ़ावे की काउंटिंग का काम बाधित हुआ है। इस दौरान प्राप्त दान राशि को अलग सुरक्षित रखा गया है और उसकी गिनती अभी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के अलावा श्रद्धालुओं के बीच फैली अनिश्चितता और चर्चाओं का असर भी दान संग्रह पर देखने को मिल रहा है। इससे कई भक्त फिलहाल चढ़ावा देने को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
मंदिर के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024-25 में विभिन्न स्रोतों से कुल 327.07 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई थी। इसमें ऑनलाइन ट्रांसफर, आरटीजीएस, नकद दान, चेक और अन्य माध्यमों से प्राप्त राशि शामिल रही। कुल आय में लगभग 153 करोड़ रुपये दान के रूप में मिले, जबकि सुरक्षित जमा लगभग 1,400 करोड़ रुपये की राशि पर मिले ब्याज से 173 करोड़ रुपये की आय हुई।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केवल चढ़ावे के माध्यम से ही 95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राम की पैड़ी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने दी जाए, दान की गई हर पाई का हिसाब लिया जाएगा। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।