NEET एग्जाम पर सियासी घमासान! कांग्रेस कार्यक्रम के चलते 142 छात्रों की परीक्षा छूटी

Saroj kanwar
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Bengaluru News: NEET UG री-एग्जाम रविवार को देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। लगभग 22 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया। इससे पहले पेपर लीक विवाद के कारण परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी। हालांकि इस बार परीक्षा को लेकर कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई, लेकिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में परीक्षा के दिन आयोजित कांग्रेस की एक बड़ी रैली को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।

कांग्रेस के कार्यक्रम पर BJP का हमला

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि NEET परीक्षा वाले दिन कांग्रेस द्वारा आयोजित विशाल राजनीतिक कार्यक्रम के कारण बेंगलुरु में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। BJP का कहना है कि इसकी वजह से कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यह विवाद कांग्रेस के उस मेगा सम्मेलन को लेकर खड़ा हुआ, जो बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद के प्रदेश अध्यक्ष पद संभालने के अवसर पर रखा गया था।

तेजस्वी सूर्या ने उठाए सवाल

बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी चाहती तो इस कार्यक्रम के लिए कोई अन्य तारीख चुन सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और परीक्षा देने जा रहे छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ी।

सूर्या के अनुसार, कुछ छात्र तनाव की स्थिति में परीक्षा केंद्र पहुंचे और कई मामलों में अधिकारियों से विशेष अनुरोध करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों को राहत देने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया। भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में छात्रों की चिंता करती है, तो उसे परीक्षा के दिन इतना बड़ा राजनीतिक आयोजन नहीं करना चाहिए था।

कांग्रेस ने आरोपों को बताया भ्रामक

भाजपा के आरोपों पर कर्नाटक सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि विपक्ष अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने बताया कि RC कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 720 उम्मीदवारों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 142 छात्र अनुपस्थित रहे। खड़गे के मुताबिक, केवल तीन अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए और इसके पीछे अलग-अलग कारण थे।

उन्होंने जानकारी दी कि एक छात्रा मगड़ी क्षेत्र से आ रही थी, लेकिन समय पर बस नहीं मिलने के कारण केंद्र तक नहीं पहुंच सकी। दूसरी उम्मीदवार पुराने एडमिट कार्ड के साथ पहुंची थी, इसलिए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली। वहीं, तीसरे छात्र के देर से पहुंचने के कारणों की जांच की जा रही है।

ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही जारी की थी एडवायजरी

प्रियंक खड़गे ने यह भी कहा कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने कार्यक्रम और संभावित यातायात प्रभाव को देखते हुए पहले से ही सार्वजनिक एडवायजरी जारी कर दी थी। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आवश्यक इंतजाम किए थे।

शिक्षा और राजनीति पर फिर छिड़ी बहस

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन, छात्रों की सुविधा और राजनीतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। भाजपा जहां कांग्रेस पर छात्रों की अनदेखी करने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।

फिलहाल, NEET री-एग्जाम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, लेकिन परीक्षा के दिन आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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