डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट यूजर्स के लिए नई पॉलिसी अपडेट जारी की है, जो उन ग्राहकों को प्रभावित कर सकती है जो लंबे समय तक वॉलेट का उपयोग नहीं करते। कंपनी के अनुसार, यदि कोई यूजर 365 दिनों तक PhonePe Wallet से कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं करता है, तो उसे “इनएक्टिव यूजर” माना जाएगा और उस पर शुल्क लगाया जाएगा।
📌 क्या है नया नियम?
नई पॉलिसी के तहत अगर किसी यूजर का PhonePe Wallet एक साल तक निष्क्रिय रहता है, तो उस पर हर तीन महीने में ₹100 (GST सहित) का मेंटेनेंस चार्ज लगाया जाएगा। इसे “Inactive Maintenance Fee” कहा गया है।
⚠️ किन ट्रांजैक्शंस को एक्टिविटी नहीं माना जाएगा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कुछ गतिविधियाँ वॉलेट एक्टिविटी में नहीं गिनी जाएंगी, जैसे:
- सिर्फ ऐप खोलना (Login)
- बैंक अकाउंट से UPI पेमेंट करना
- रिचार्ज, बिल पेमेंट, इंश्योरेंस या लोन जैसी सेवाओं का इस्तेमाल (अगर Wallet से नहीं किया गया हो)
- KYC अपडेट या अन्य नॉन-वॉलेट ट्रांजैक्शन
मतलब साफ है—सिर्फ PhonePe इस्तेमाल करना काफी नहीं है, वॉलेट से ट्रांजैक्शन जरूरी है।
💰 वॉलेट को एक्टिव कैसे रखें?
अगर आप इस चार्ज से बचना चाहते हैं, तो आपको कम से कम साल में एक बार PhonePe Wallet से सीधे पेमेंट करना होगा। जैसे ही आप वॉलेट से ट्रांजैक्शन करेंगे, आपका अकाउंट फिर से एक्टिव माना जाएगा।
📩 चार्ज लगाने से पहले मिलेगा अलर्ट
कंपनी यूजर्स को शुल्क काटने से पहले नोटिफिकेशन भेजेगी। आमतौर पर डेडलाइन से लगभग 15 दिन पहले अलर्ट दिया जाएगा, ताकि यूजर वॉलेट एक्टिव कर सके।
💸 पैसे कैसे काटे जाएंगे?
- अगर वॉलेट में ₹100 या उससे ज्यादा बैलेंस है, तो पूरा ₹100 काट लिया जाएगा
- अगर बैलेंस ₹100 से कम है, तो जितना पैसा है उतना ही काटा जाएगा
- किसी भी स्थिति में नेगेटिव बैलेंस नहीं होगा
🧠 क्यों जरूरी है यह बदलाव?
डिजिटल पेमेंट कंपनियाँ समय-समय पर ऐसे नियम लाती हैं ताकि वॉलेट का सक्रिय उपयोग बना रहे। इससे पहले भी कई फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने इनएक्टिव यूजर्स पर मेंटेनेंस चार्ज लागू किया था।
📢 निष्कर्ष
अगर आप PhonePe Wallet का इस्तेमाल करते हैं लेकिन बहुत कम ट्रांजैक्शन करते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए महत्वपूर्ण है। समय-समय पर वॉलेट का उपयोग करके आप अतिरिक्त चार्ज से बच सकते हैं और अपना अकाउंट एक्टिव रख सकते हैं।