भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली बिल से छुटकारा पाने के लिए अगर आप भी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार 1 जून 2026 से सोलर सेक्टर में नया नियम लागू करने जा रही है, जिसका असर सीधे तौर पर सोलर सिस्टम की कीमतों पर पड़ सकता है। नए नियम के तहत अब सिर्फ सोलर पैनल ही नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाले सोलर सेल भी सरकारी मानकों के अनुसार प्रमाणित होने जरूरी होंगे।
हालांकि अच्छी बात यह है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी। यानी सोलर सिस्टम की लागत बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं को सरकारी सहायता मिलती रहेगी।
1 जून 2026 से क्या बदलने जा रहा है?
अब तक घरों में लगाए जाने वाले सोलर पैनल के लिए यह जरूरी था कि वे सरकार की ALMM List-I में शामिल कंपनियों से हों। लेकिन अब सरकार नियमों को और सख्त कर रही है।
1 जून 2026 से लागू होने वाले नए नियम के मुताबिक, सोलर पैनल में इस्तेमाल होने वाले सोलर सेल भी सरकार की Approved List-II में शामिल होने चाहिए। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस नियम की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कम गुणवत्ता वाले विदेशी उपकरणों पर रोक लगाना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इससे बाजार में बेहतर क्वालिटी के सोलर सिस्टम उपलब्ध होंगे, लेकिन उनकी कीमत भी बढ़ सकती है।
सोलर सिस्टम लगवाना कितना महंगा होगा?
नए नियम लागू होने के बाद सोलर पैनल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू स्तर पर बने अप्रूव्ड सोलर सेल की अनिवार्यता से लागत बढ़ेगी।
अगर आप 1 किलोवाट (1kW) का सोलर सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले की तुलना में करीब ₹3,000 ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं 2kW सिस्टम पर लगभग ₹6,000 और 3kW सिस्टम पर करीब ₹9,000 अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है।
यदि बाजार में अप्रूव्ड सोलर सेल की सप्लाई सीमित रही, तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
क्या सरकार सोलर सब्सिडी बंद करने वाली है?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि नए नियमों के बाद सरकार सोलर सब्सिडी बंद कर सकती है, लेकिन यह पूरी तरह गलत जानकारी है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को अभी भी 1kW सिस्टम पर ₹30,000, 2kW पर ₹60,000 और 3kW या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी मिलेगी।
इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी अतिरिक्त सब्सिडी देती रहेंगी। हालांकि, नए नियमों के बाद वेंडर चयन, दस्तावेजों की जांच और तकनीकी प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है।
उपभोक्ताओं के पास क्या विकल्प हैं?
अगर आप नया सोलर सिस्टम लगवाने की सोच रहे हैं, तो आपके पास मुख्य रूप से दो विकल्प मौजूद हैं।
1. सब्सिडी वाला विकल्प
यह उन लोगों के लिए सबसे बेहतर माना जा रहा है, जो बिजली बिल कम या पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं। इस विकल्प में आपको सरकार द्वारा तय किए गए मानकों और प्रमाणित उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा।
2. बिना सब्सिडी वाला प्रीमियम विकल्प
जो लोग नई और एडवांस तकनीक जैसे HJT, HDT या लिथियम बैटरी आधारित सिस्टम लगवाना चाहते हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें शुरुआती खर्च ज्यादा आता है, लेकिन लंबे समय में इसकी परफॉर्मेंस और बैकअप क्षमता बेहतर मानी जाती है।
खासकर उन इलाकों में जहां बिजली कटौती ज्यादा होती है, वहां यह सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद साबित हो सकता है।
क्या अभी सोलर लगवाना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप सोलर सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो नए नियम लागू होने से पहले फैसला लेना फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि 1 जून के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना काफी ज्यादा है।
हालांकि, लंबे समय में सोलर ऊर्जा अब भी बिजली बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का सबसे किफायती विकल्प माना जा रहा है।