नई दिल्ली: साल 2026 में सोने की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। घरेलू बाजार में गोल्ड ने अब तक करीब 20 फीसदी की तेजी दर्ज की है, लेकिन आने वाले महीनों में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। ICICI Bank की ग्लोबल मार्केट्स रिपोर्ट के अनुसार, इस साल सोने का दाम 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े तक पहुंचने की संभावना कम है।
साल की शुरुआत में जनवरी 2026 के दौरान सोने की कीमतें करीब 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थीं। हालांकि इसके बाद बाजार में गिरावट आई और फिलहाल सोना लगभग 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
2026 और 2027 में कितना रह सकता है सोने का भाव?
ICICI Bank की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के बाकी महीनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1.50 लाख से 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी रह सकती है। वहीं 2027 में इसमें और तेजी आने की उम्मीद जताई गई है। अनुमान है कि अगले साल सोना 1.60 लाख से 1.90 lakh रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की मजबूत कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी भारतीय बाजार में सोने को सपोर्ट दे रही है।
इस साल क्यों महंगा हुआ सोना?
साल 2026 में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार रहे हैं।
- भारतीय रुपया इस साल डॉलर के मुकाबले करीब 7 फीसदी कमजोर हुआ है।
- केंद्र सरकार ने 13 मई 2026 से सोने पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया।
- वैश्विक बाजार में सोने की ऊंची कीमतों का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, आयात शुल्क में बढ़ोतरी का असर अभी पूरी तरह बाजार में नहीं दिखा है। आने वाले समय में इसकी वजह से कीमतों में 2 से 3 फीसदी तक अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
ICICI Bank ने किस आधार पर लगाया अनुमान?
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के अनुमान में यह माना गया है कि डॉलर के मुकाबले रुपया औसतन 96 के स्तर पर रहेगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की औसत कीमत करीब 4,700 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है।
इसके अलावा 2027 के लिए रुपये का औसत स्तर 96.50 प्रति डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है।
पश्चिम एशिया तनाव का भी पड़ा असर
वैश्विक बाजार में साल 2025 के दौरान सोने ने करीब 65 फीसदी की बड़ी तेजी दिखाई थी। वहीं 2026 में अब तक इसमें लगभग 5 फीसदी की मजबूती दर्ज हुई है।
हालांकि 28 फरवरी 2026 को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 15 फीसदी की गिरावट भी देखने को मिली। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
क्या आगे और गिर सकता है सोना?
ICICI Bank की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है या अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त बनाता है, तो सोने की तेजी पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में 2027 तक सोने की कीमतों में अनुमान से कम बढ़त देखने को मिल सकती है या बाजार कुछ समय तक स्थिर भी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि में सोने की कीमतों को लेकर निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।