मदिरा दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया तेजी से जारी, मंडला और सीधी जिलों में लगी सबसे ऊंची बोली

Saroj kanwar
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​भोपाल/रतलाम,25 मार्च (इ खबर टुडे)।  मध्य प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों के निष्पादन (ठेके) की प्रक्रिया के पहले चरण के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में ठेकेदारों ने निर्धारित आरक्षित मूल्य (Reserve Price) से कहीं अधिक की बोलियां लगाई हैं, जिससे सरकारी खजाने में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिला सबसे आगे रहा है जंहा सौ प्रतिशत ठेके हो चुके है लेकिन रतलाम जिला काफी पिछड़ गया है। जिले के 40 समूहों में से मात्र 12 समूहों का निष्पादन हो पाया है अर्थात मात्र 27 प्रतिशत ठेको का निष्पादन अब तक हुआ है। प्रदेश में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 19952 करोड़ रु के लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक मात्र 12403 करोड़ के ठेको का निष्पादन हो पाया है। 


​राजस्व प्राप्ति में मंडला जिला सबसे आगे

प्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडला जिले में सबसे कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई, जहाँ आरक्षित मूल्य के मुकाबले 126.60% की बोली प्राप्त हुई। इसी क्रम में सीधी जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ ठेकेदारों ने निर्धारित मूल्य से 25.44% अधिक (कुल 125.44%) की ऊंची बोली लगाई है।

​इन जिलों में भी दिखा भारी उत्साह:

​मैहर: आरक्षित मूल्य से 18.06% अधिक राजस्व।
​उमरिया: आरक्षित मूल्य से 16.53% अधिक की प्राप्ति।
​शिवपुरी: 413.87 करोड़ रुपये की सफल बोली (111.47%)।
​खरगोन: 442.20 करोड़ रुपये के साथ 11.07% की वृद्धि दर्ज की गई।

​रतलाम एवं अन्य बड़े शहरों का हाल:

जहाँ छोटे जिलों में भारी उछाल देखा गया, वहीं रतलाम सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में प्रक्रिया अभी जारी है। रतलाम में अब तक 40 में से मात्र  12 समूहों का निष्पादन हो पाया है। इस प्रकार मात्र 27 प्रतिशत ठेको का निष्पादन अब तक हुआ है।  इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में भी क्रमशः 79.87% और 79.47% समूहों का आवंटन पूर्ण कर लिया गया है।

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