एक कमाल की सरकारी स्कीम, हर महीने 12,500 रुपये जमा करें और कमाएं 49 लाख रुपये, जानें डिटेल्स

Saroj kanwar
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अपनी शुरुआत से ही, केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना उन माता-पिता के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है जो अपनी बेटियों के दीर्घकालिक भविष्य के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं। लगभग दस साल पहले शुरू की गई यह योजना सबसे भरोसेमंद लघु बचत योजनाओं में से एक बनी हुई है।
यह योजना कब और क्यों शुरू की गई?

सुकन्या समृद्धि योजना 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य परिवारों को अपनी बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए धन संचय करने में सक्षम बनाना है। एक सरकारी योजना होने के कारण, यह निवेश में पूर्ण विश्वास प्रदान करती है और ब्याज भी सुरक्षित रखती है।

खाता खोलने के लिए आयु संबंधी आवश्यकताएँ

यह योजना केवल 10 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के लिए लागू है। माता-पिता या अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर डाकघरों या अधिकृत बैंकों में सुकन्या खाता खोल सकते हैं। खाता खोलने पर, न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹150,000 वार्षिक जमा राशि आवश्यक है।

निवेश अवधि और कुल खाता अवधि
इस योजना में 15 वर्षों के लिए निवेश अनिवार्य है, लेकिन खाता कुल 21 वर्षों तक सक्रिय रहता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आप 15 वर्षों के बाद निवेश करना बंद भी कर देते हैं, तो भी जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है, जिससे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलता है।

ब्याज दर और संभावित रिटर्न

सुकन्या समृद्धि योजना वर्तमान में 8.2 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर प्रदान करती है। यह ब्याज दर अन्य लघु बचत योजनाओं की तुलना में काफी आकर्षक है। यदि निवेशक हर महीने ₹12,500 या सालाना ₹1.5 लाख जमा करते हैं, तो 15 वर्षों में कुल निवेश ₹22,50,000 होगा। इस पर लगभग ₹49,32,119 की ब्याज दर प्राप्त होती है। परिपक्वता पर कुल रिटर्न लगभग ₹71,82,119 तक पहुँच जाता है, जिससे बेटी की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए पर्याप्त धनराशि मिल जाती है।
सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प क्यों है?

यह योजना सुरक्षित सरकारी कवरेज और कर लाभ प्रदान करती है। माता-पिता को न केवल बेहतरीन ब्याज मिलता है, बल्कि निवेश की गई राशि, आय और परिपक्वता राशि पूरी तरह से कर-मुक्त होती है। लंबी अवधि में एक बड़ा कोष बनाने के लिए इसे सबसे प्रभावी और विश्वसनीय विकल्प माना जाता है।

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