8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गई है। आयोग ने 7 अगस्त से नई दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। यह बैठकें 10 अगस्त तक चलेंगी। इन बैठकों में कर्मचारियों की सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में बदलाव और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जा रहे हैं।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम कर रहा 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर विचार कर रहा है। हालांकि, आयोग ने बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि बातचीत का केंद्र वेतन और पेंशन से जुड़े प्रमुख सुधार रहेंगे।
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आएगी?
8वां वेतन आयोग एक अस्थायी आयोग है, जिसका गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। तीन सदस्यीय इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष और सदस्य-सचिव पंकज जैन आयोग के अन्य सदस्य हैं।
केंद्र सरकार ने आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इस समय-सीमा को देखते हुए आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना है। दिल्ली में हितधारकों से चर्चा पूरी करने के बाद आयोग आने वाले समय में चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों का दौरा भी करेगा।
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग क्या है?
केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ी मांग सामने रखी गई है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और अन्य कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। हालांकि, फिलहाल इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों की राय लेने के बाद ही अपनी सिफारिश तैयार करेगा।
पेंशनर्स की भी कई अहम मांगें
पेंशनभोगी संगठनों ने भी 8वें वेतन आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में फुल पेंशन को अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) के 67% तक करने का प्रस्ताव शामिल है। वहीं, फैमिली पेंशन को बढ़ाकर 50% करने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा 65 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए अतिरिक्त पेंशन को बढ़ी हुई दर से देने और फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को ₹3,000 प्रति माह करने की मांग भी सामने आई है।
HRA में भी बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA की दरों में संशोधन का प्रस्ताव भी दिया है। इसके तहत X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए HRA को क्रमशः 36%, 24% और 12% किए जाने की मांग है।
इसके साथ ही महंगाई भत्ते यानी DA को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण है। 2026 की शुरुआत तक DA के 50% से ऊपर जाने के अनुमानों के बीच इसे बेसिक पे में मर्ज करने और उसके बाद भत्तों की नई व्यवस्था तय करने की मांग उठ रही है।
अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ
8वें वेतन आयोग की मौजूदा बैठकें कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को समझने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, HRA, DA, पेंशन और मेडिकल अलाउंस जैसे मुद्दों पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
आयोग विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों और अपनी समीक्षा के आधार पर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों को प्रस्तावित वेतन या पेंशन बढ़ोतरी को अंतिम मानने के बजाय आयोग की आधिकारिक सिफारिशों का इंतजार करना होगा।