केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े बड़े बदलावों की तैयारी के बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अब राज्यों का दौरा शुरू कर दिया है। आयोग की पहली अहम बैठक 18 और 19 मई को हैदराबाद में आयोजित की जा रही है, जिस पर लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर टिकी हुई है।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग की टीम दो दिनों तक हैदराबाद में विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और विभागीय प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी। इस दौरान कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों, पेंशन और अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
हैदराबाद दौरे के बाद आयोग देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का भी दौरा करेगा। आयोग का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों को सीधे समझना है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पक्षों को शामिल किया जा सके।
8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी है। इसके लिए आयोग लगातार बैठकें और परामर्श प्रक्रिया चला रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार सिफारिशों पर फैसला लेगी, जिसका असर करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय पर पड़ सकता है।
इस बीच कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 3.83 गुना करने की भी मांग की जा रही है, जिससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है।
हैदराबाद की यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह 8वें वेतन आयोग की जमीनी स्तर पर शुरू हुई महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को उम्मीद है कि इस बार आयोग उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने की दिशा में आगे बढ़ेगा।