नई दिल्ली। देश में 8वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक अहम अपडेट सामने आया है। अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े कुछ मामलों में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिससे 2003–2004 के एक खास वर्ग के कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने जानकारी दी है कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
क्या है नया निर्णय?
बैठक में यह फैसला सामने आया है कि जिन मामलों में किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु वर्ष 2003 में हुई थी और उनके आश्रितों को वर्ष 2004 में अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई थी, ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि यह लाभ उन्हीं कर्मचारियों पर लागू होगा जो संबंधित पद की सभी आवश्यक योग्यताएं, आयु सीमा और पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल था?
यह उच्च स्तरीय बैठक कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, मेंबर फाइनेंस और पीडीआईआर सहित कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
NC-JCM की ओर से बताया गया कि इस मुद्दे को लंबे समय से सरकार के समक्ष रखा जा रहा था। पेंशन मंत्रालय के साथ इस पर कई दौर की बातचीत भी हुई थी और कई बार निर्णय अंतिम चरण तक पहुंचने के बावजूद टल गया था।
संगठन ने कहा कि यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो वर्षों से इस स्पष्टता का इंतजार कर रहे थे।
कैबिनेट सचिव को सराहना
शिव गोपाल मिश्रा ने इस निर्णय पर कैबिनेट सचिव का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान दिया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक में लिए गए अन्य फैसलों पर भी जल्द कार्रवाई होगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भरोसा और मजबूत होगा।
जल्द ही इस बैठक के आधिकारिक मिनट्स जारी किए जाने की संभावना है, जिसके बाद इस फैसले को लेकर और अधिक स्पष्टता सामने आएगी।