देशभर में भीषण गर्मी के बीच बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की वजह से एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य शीतलन उपकरणों का उपयोग काफी बढ़ गया है, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती नजर आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में दोपहर 3:40 बजे तक देश की बिजली मांग 260.5 गीगावाट तक पहुंच गई थी। वहीं, विद्युत मंत्रालय द्वारा पीटीआई को दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को अधिकतम बिजली मांग 257.37 गीगावाट दर्ज की गई, जो अब तक के उच्च स्तरों में से एक है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक, इस गर्मी के मौसम में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि परिस्थितियों को देखते हुए यह मांग बढ़कर 280 गीगावाट तक भी जा सकती है, हालांकि यह अनुमान विभिन्न विश्लेषणों पर आधारित है।
इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में इस सप्ताह लू का असर जारी रहेगा। तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है और कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है।
IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में सोमवार से 24 मई तक लू चलने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मंगलवार से भीषण लू जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
राज्यों में तापमान की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। पंजाब के भटिंडा में सोमवार को अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बेहद गंभीर गर्मी की स्थिति को दर्शाता है। इसी तरह हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी तापमान46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी न सिर्फ लोगों को परेशान कर रही है, बल्कि देश की बिजली व्यवस्था पर भी भारी दबाव डाल रही है।