नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से सरकारी कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme-OPS) की बहाली सबसे अहम मुद्दों में शामिल है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी सभी कर्मचारियों के लिए OPS लागू करने का कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन एक विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को बड़ी राहत जरूर दी है।
सरकार ने अनुकंपा (Compassionate) आधार पर नियुक्त कर्मचारियों से जुड़े पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस फैसले से उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू होने के बाद हुई थी, लेकिन आवेदन उससे पहले किया गया था।
क्या है सरकार का नया आदेश?
22 जून 2026 को पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने जारी आदेश में स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पेंशन पात्रता तय करने के लिए नियुक्ति की तारीख नहीं, बल्कि आवेदन की तारीख को आधार माना जाएगा।
यदि किसी कर्मचारी के परिवार ने 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था और वह उस समय पात्र था, तो ऐसे मामलों में उसे केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों यानी पुरानी पेंशन योजना के तहत शामिल किया जा सकता है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है जिनके परिवार ने 1 जनवरी 2004 से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनकी नियुक्ति बाद में हुई।
अब तक ऐसे कर्मचारियों को केवल इस वजह से NPS के दायरे में रखा गया था क्योंकि उनकी जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 के बाद हुई थी। नए आदेश के बाद इस विसंगति को दूर करने की कोशिश की गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अंतिम वेतन और सेवा अवधि के आधार पर निश्चित पेंशन मिलती है। वहीं, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में मिलने वाली राशि कर्मचारी और सरकार के योगदान के साथ-साथ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
इसी कारण सरकारी कर्मचारियों का बड़ा वर्ग लंबे समय से OPS की बहाली की मांग कर रहा है। हालांकि यह आदेश सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होता, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति वाले पात्र कर्मचारियों के लिए यह बड़ी राहत माना जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के अनुकंपा नियुक्ति आवेदन 31 दिसंबर 2003 तक जमा हो चुके थे, उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने इसे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में अहम कदम बताया। साथ ही सरकार से यह भी आग्रह किया कि भविष्य में सभी कर्मचारियों के लिए गारंटीड पेंशन का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
क्या होती है अनुकंपा नियुक्ति?
अनुकंपा नियुक्ति उस स्थिति में दी जाती है जब किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए या वह चिकित्सकीय कारणों से सेवा जारी रखने में असमर्थ हो जाए। ऐसे मामलों में परिवार के पात्र सदस्य को नौकरी देकर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
कई मामलों में आवेदन समय पर हो गया था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया लंबी होने के कारण जॉइनिंग 2004 के बाद हुई। इसी वजह से पेंशन को लेकर विवाद पैदा हुए, जिन्हें अब सरकार के नए आदेश से दूर करने की कोशिश की गई है।
8वें वेतन आयोग से क्या है इसका संबंध?
यह फैसला ऐसे समय आया है जब 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विभागों के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग के समक्ष रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और संचार समेत कई विभागों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें रखी हैं।
इन मांगों में सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और निश्चित पेंशन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। कर्मचारी संगठन लगातार OPS की बहाली, NPS में सुधार और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
क्या सभी कर्मचारियों के लिए OPS वापस आ गई?
फिलहाल ऐसा नहीं है। सरकार का यह आदेश केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो अनुकंपा नियुक्ति की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। इसे सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की वापसी नहीं माना जा सकता।
हालांकि, इस फैसले के बाद पेंशन सुधारों और OPS को लेकर बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के दौरान पेंशन से जुड़े मुद्दे सबसे अधिक चर्चा में रहेंगे।