8वें वेतन आयोग की बैठक: कर्मचारी संगठनों ने उठाई मांग, हर साल 6% वेतन वृद्धि का सुझाव दिया

Saroj kanwar
4 Min Read

लखनऊ में आयोजित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठक के दूसरे दिन भी विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर विस्तृत सुझाव पेश किए। मंगलवार को सुबह से शाम तक चली बैठकों में प्रतिनिधियों ने वेतन संरचना, पेंशन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

कर्मचारी संगठनों ने विशेष रूप से यह मांग उठाई कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि की मौजूदा अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये को समाप्त कर इसे बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाए। इसके साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि को वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की भी सिफारिश की गई। पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से सामने रखी गई।

होटल रेनेशा में हुई इस बैठक में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनडी द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने फिटमेंट फैक्टर को 3.93 निर्धारित करने और अवर अभियंताओं का न्यूनतम वेतन 1.39 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया।

संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान वेतन लेवल-6, 7 और 8 को मिलाकर एक समूह बनाया जाए, जबकि लेवल-9 और 10 को भी एकीकृत किया जाए। इसके अलावा अतिरिक्त योग्यता के लिए 10 प्रतिशत भत्ता देने की मांग की गई।

महंगाई और आवास से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर देते हुए प्रतिनिधियों ने शहरों के वर्गीकरण के अनुसार मकान किराया भत्ता 45 प्रतिशत, 40 प्रतिशत और 35 प्रतिशत तय करने की सिफारिश की। साथ ही कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 हजार रुपये मासिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया।

विभिन्न अग्रिम सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की मांग की गई, जिसमें गृह निर्माण अग्रिम को अधिकतम 2 करोड़ रुपये और वाहन खरीद अग्रिम को 15 लाख रुपये तक बढ़ाने की बात शामिल रही।

अवकाश नीतियों में सुधार की मांग करते हुए प्रतिनिधियों ने आकस्मिक अवकाश 15 दिन, अर्जित अवकाश की सीमा 300 से बढ़ाकर 600 दिन करने तथा मातृत्व अवकाश 240 दिन करने के साथ 45 दिन का पितृत्व अवकाश देने का सुझाव दिया।

एलटीसी (लीव ट्रैवल कंसेशन) सुविधा को भी विस्तार देने की मांग उठी, जिसके तहत चार वर्ष में एक बार देश के भीतर यात्रा और पूरे सेवा काल में दो बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रमोशन प्रणाली में सुधार के लिए यह सुझाव दिया गया कि 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा अवधि पर कर्मचारियों को पांच प्रोन्नति पद दिए जाएं। इसके साथ ही ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की मांग भी की गई।

वहीं, अखिल भारतीय वेतन एवं वरिष्ठ लेखा अधिकारी संगठन ने लेखा सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के वेतनमान और पदोन्नति ढांचे में मौजूद विसंगतियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि पिछले वेतन आयोगों की सिफारिशों के बावजूद असमानताओं को ठीक नहीं किया गया है।

इसके अलावा एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हॉस्पिटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी आयोग के समक्ष वेतन और भत्तों में वृद्धि की मांग रखी और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की जरूरत बताई।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *