प्लास्टिक नोट: ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पॉलिमर बैंकनोट को लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई तरह की खबरें भी सामने आई थीं, जिनमें दावा किया गया कि देश में मौजूद सभी कागजी नोटों को प्लास्टिक नोटों से बदल दिया जाएगा। हालांकि, ऐसी बातों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। फिलहाल योजना केवल चुनिंदा मूल्यवर्ग के नोटों के परीक्षण तक सीमित है।
₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट कब आएंगे?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत की जलवायु और मौजूदा बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए पॉलिमर बैंकनोट का परीक्षण किया जा रहा है। योजना के अनुसार, सब कुछ ठीक रहने पर इन नोटों को अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में जारी किए जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक कोई निश्चित लॉन्च तारीख घोषित नहीं की गई है।
इस विषय पर 11 अगस्त को राज्यसभा में भी सवाल उठाया गया। सांसद नीरज शेखर ने सरकार से पूछा कि क्या RBI और केंद्र सरकार वास्तव में प्लास्टिक करेंसी लाने की तैयारी कर रहे हैं और यदि ऐसा है तो इसे कब तक जारी किया जा सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या बताया?
राज्यसभा में सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि RBI ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर बैंकनोट के एक अरब नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सरकार के मुताबिक, परीक्षण के दौरान इन नोटों की उपयोगिता और भारतीय परिस्थितियों में उनकी व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में इन पॉलिमर नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर विचार किया जा सकता है।
अभी तय नहीं है लॉन्च की तारीख
प्लास्टिक नोटों को लेकर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनकी सटीक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है। वित्त मंत्री ने बताया कि नोटों की खरीद से जुड़ी प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए इस समय इनके जारी होने की निश्चित तारीख या कार्यान्वयन की कुल लागत बताना संभव नहीं है।
यानी सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए जिनमें प्लास्टिक नोटों के तुरंत बाजार में आने या सभी पुराने नोटों के बंद होने की बात कही जा रही है।
क्या होते हैं पॉलिमर बैंकनोट?
पॉलिमर बैंकनोट सामान्य कागजी नोटों की तरह दिखाई देते हैं, लेकिन इन्हें पारंपरिक कॉटन-बेस्ड पेपर की जगह एक विशेष प्लास्टिक सब्सट्रेट से तैयार किया जाता है। इनकी खासियत इनकी मजबूती और लंबी उपयोग अवधि मानी जाती है।
पॉलिमर नोट नमी, गंदगी और रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ होते हैं। इसी वजह से इनके इस्तेमाल से खराब और गंदे नोटों को बार-बार बदलने की जरूरत कम हो सकती है।
किन देशों में चलती है प्लास्टिक करेंसी?
दुनिया के करीब 60 देशों में किसी न किसी रूप में पॉलिमर बैंकनोट का इस्तेमाल किया जाता है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, वियतनाम, मलेशिया और मैक्सिको जैसे देशों में भी पॉलिमर करेंसी का उपयोग देखने को मिलता है।
भारत में भी पॉलिमर नोटों के इस्तेमाल का विचार नया नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI ने कागजी मुद्रा की छपाई और खराब नोटों को बदलने से जुड़ी लागत को कम करने के उद्देश्य से इस योजना पर पहले भी विचार किया था।
क्या सभी कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
नहीं। फिलहाल ऐसा कोई फैसला सामने नहीं आया है कि भारत में चल रहे सभी कागजी नोटों को बंद करके उनकी जगह प्लास्टिक नोट जारी कर दिए जाएंगे। मौजूदा योजना ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों के सीमित परीक्षण से जुड़ी है।
पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम सामने आने के बाद ही इनके बड़े स्तर पर इस्तेमाल को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा।