हार्ट अटैक का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं, क्योंकि यह कई बार बिना किसी चेतावनी के जानलेवा साबित हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर अक्सर पहले ही कुछ संकेत देने लगता है। यदि इन शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज कराया जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी लोगों को हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक रहने की सलाह देता है। हालांकि हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण
1. सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
हार्ट अटैक का सबसे सामान्य संकेत सीने में दर्द, जकड़न, भारीपन या दबाव महसूस होना है। कई बार यह दर्द कुछ मिनटों तक बना रहता है या बीच-बीच में आता-जाता है।
2. दर्द का शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलना
कई मरीजों में सीने का दर्द केवल वहीं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह बाएं हाथ, दोनों बांहों, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
3. सांस लेने में कठिनाई
अगर बिना किसी भारी काम के अचानक सांस फूलने लगे या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो यह भी हार्ट अटैक का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। कई बार यह समस्या सीने के दर्द के साथ या उससे पहले भी दिखाई देती है।
4. मतली, उल्टी या पेट में असहजता
कुछ लोगों को हार्ट अटैक के दौरान मतली, उल्टी या पेट में गैस और अपच जैसी परेशानी महसूस होती है। अक्सर लोग इसे सामान्य पाचन संबंधी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
5. ठंडा पसीना, चक्कर और कमजोरी
यदि अचानक बिना किसी कारण ठंडा पसीना आने लगे, चक्कर महसूस हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये भी हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं।
6. चेहरे का रंग फीका पड़ना
विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में हार्ट अटैक के दौरान चेहरे का रंग पीला या फीका पड़ सकता है और व्यक्ति सामान्य से अधिक कमजोर दिखाई देता है।
महिलाओं और बुजुर्गों में अलग हो सकते हैं लक्षण
डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं और अधिक उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के संकेत हमेशा स्पष्ट नहीं होते। कई बार केवल असामान्य थकान, बेचैनी, हल्की सांस की तकलीफ या कमजोरी जैसे लक्षण ही दिखाई देते हैं। इसलिए ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने की बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। यदि कोई भी लक्षण पांच मिनट से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।
हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के आसान उपाय
नियमित व्यायाम करें
हर दिन कम से कम 30 मिनट तक शारीरिक गतिविधि करें। तेज चलना, योग, साइकिल चलाना या तैराकी जैसी एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।
संतुलित आहार अपनाएं
अपने भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें। वहीं तला-भुना, ज्यादा नमक, चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें।
धूम्रपान और शराब से दूरी रखें
धूम्रपान हृदय रोगों का सबसे बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। वहीं अत्यधिक शराब का सेवन भी हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करवाना जरूरी है, खासकर 30 वर्ष की आयु के बाद। इससे संभावित जोखिम का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें
मानसिक तनाव भी दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। नियमित ध्यान, प्राणायाम और 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
हार्ट अटैक की आशंका होने पर तुरंत क्या करें?
- मरीज को आरामदायक स्थिति में बैठाएं या लिटाएं।
- गर्दन या छाती के तंग कपड़ों को ढीला कर दें।
- बिना देर किए एम्बुलेंस या इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलाएं।
- यदि डॉक्टर पहले से सलाह दे चुके हों, तभी एस्पिरिन दी जा सकती है।
- मरीज को स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने की सलाह न दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने की बजाय तुरंत योग्य डॉक्टर से सलाह लें।