सोने और चांदी की कीमतों में 14 अगस्त को एक बार फिर नरमी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 708 रुपए घटकर 1,52,363 रुपए रह गया। इससे एक दिन पहले यानी 13 अगस्त को 10 ग्राम सोने की कीमत 1,53,071 रुपए थी।
इसी तरह चांदी के भाव में भी कमी दर्ज की गई। एक किलोग्राम चांदी 386 रुपए सस्ती होकर 2,33,842 रुपए पर आ गई। 13 अगस्त को इसका रेट 2,34,228 रुपए प्रति किलो था।
अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत क्यों बदलती है?
देशभर में सोने के रेट हमेशा एक जैसे नहीं होते। स्थानीय बाजार में कीमतों के अंतर के पीछे कई वजहें होती हैं।
1. परिवहन और सुरक्षा का खर्च:
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा से जुड़े खर्च शामिल होते हैं। दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने पर इसका असर अंतिम कीमत पर भी पड़ सकता है।
2. स्थानीय मांग और खरीदारी:
भारत के अलग-अलग हिस्सों में सोने की मांग अलग है। दक्षिण भारत में देश की कुल सोने की खपत का करीब 40% हिस्सा होने के कारण यहां ज्वेलर्स बड़े स्तर पर खरीदारी करते हैं।
3. स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन:
शहर और राज्य स्तर पर काम करने वाले ज्वेलरी संगठन स्थानीय मांग, सप्लाई और बाजार की परिस्थितियों के आधार पर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
4. ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक:
दुकानदार ने सोना किस कीमत पर खरीदा था और उसके पास कितना पुराना स्टॉक मौजूद है, इसका असर भी ग्राहकों को मिलने वाले बिक्री भाव पर पड़ता है।
ऑल टाइम हाई से चांदी 1.52 लाख रुपए नीचे
इस साल सोने और चांदी दोनों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए था। इसके बाद तेजी आई और 29 जनवरी को कीमत बढ़कर 1.76 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
अब 14 अगस्त के भाव के मुकाबले सोना अपने उस उच्चतम स्तर से करीब 23,758 रुपए नीचे है।
चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। 29 जनवरी को चांदी ने तेजी के बीच 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था। मौजूदा भाव के हिसाब से चांदी उस रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.52 लाख रुपए नीचे आ चुकी है।
साल के अंत तक 1.60 लाख रुपए तक पहुंच सकता है सोना
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ चुकी हैं। ऐसे में निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर अवसर नजर आ सकता है, लेकिन एक साथ पूरी रकम निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर माना जा सकता है।
अजय केडिया के अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक सोने का भाव दोबारा 1.60 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी की कीमत 2.80 लाख रुपए प्रति किलो तक जाने की संभावना जताई गई है।
ज्वेलरी खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर जांचें:
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही लें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क पहचानने के लिए दिए गए अल्फान्यूमेरिक कोड को भी जरूर जांचें।
भाव और वजन की पुष्टि करें:
ज्वेलरी खरीदने से पहले सोने का सही वजन और उस दिन का बाजार भाव जरूर चेक करें। IBJA जैसे विश्वसनीय स्रोतों से कीमत की पुष्टि की जा सकती है। ध्यान रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग होते हैं।
सोना खरीदने से पहले मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य शुल्क की जानकारी भी स्पष्ट रूप से लेना जरूरी है, ताकि अंतिम बिल को लेकर कोई भ्रम न रहे।