अगर आप नौकरी करते हैं, कारोबार चलाते हैं, फ्रीलांसिंग से कमाई करते हैं या आपकी आय के दूसरे स्रोत हैं, तो आपके लिए Income Tax Return यानी ITR से जुड़ी जानकारी बेहद जरूरी है। अब इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे Income Tax Department के e-Filing पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ITR फाइल कर सकते हैं। पोर्टल पर हिंदी समेत कई भाषाओं का विकल्प भी उपलब्ध है, जिससे पहली बार रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए प्रक्रिया समझना आसान हो जाता है।
ITR क्या होता है?
Income Tax Return यानी ITR एक ऐसा फॉर्म है, जिसमें किसी वित्तीय वर्ष के दौरान हुई आपकी आय, टैक्स, TDS और लागू कटौतियों से जुड़ी जानकारी दी जाती है। आसान भाषा में कहें तो ITR के जरिए आप सरकार को अपनी सालाना आय और उस पर बनने वाले टैक्स की जानकारी देते हैं।
अगर आपने अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी से ज्यादा टैक्स जमा किया है, तो नियमों के अनुसार आपको रिफंड भी मिल सकता है।
ITR भरने से पहले ये दस्तावेज रखें तैयार
ऑनलाइन ITR दाखिल करने से पहले जरूरी दस्तावेज और जानकारी अपने पास रखना बेहतर होता है। आपकी आय के स्रोत के हिसाब से दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं। आम तौर पर इन चीजों की जरूरत पड़ सकती है:
- PAN कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक अकाउंट की जानकारी
- Form 16
- सैलरी से जुड़ी जानकारी
- बैंक से मिले ब्याज की डिटेल
- निवेश से संबंधित दस्तावेज
- TDS की जानकारी
- अन्य आय के स्रोतों से जुड़े दस्तावेज
घर बैठे ऐसे फाइल करें ITR
ITR दाखिल करने की ऑनलाइन प्रक्रिया काफी आसान है। इसके लिए सबसे पहले Income Tax Department के e-Filing पोर्टल पर जाएं और अपने अकाउंट में लॉगिन करें।
अगर आपका पहले से e-Filing अकाउंट बना हुआ है, तो PAN और पासवर्ड के जरिए लॉगिन किया जा सकता है। लॉगिन के दौरान OTP या किसी अन्य उपलब्ध माध्यम से पहचान सत्यापन भी करना पड़ सकता है।
लॉगिन करने के बाद ‘e-File’ सेक्शन में जाएं और संबंधित Assessment Year चुनें। इसके बाद अपनी आय के सभी स्रोतों की जानकारी दर्ज करें।
नौकरी से होने वाली आय की जानकारी दें
अगर आप नौकरी करते हैं, तो आपकी मुख्य आय सैलरी हो सकती है। ऐसे मामलों में Form 16 काफी महत्वपूर्ण होता है। इसमें दी गई जानकारी को ITR में दर्ज करते समय सावधानी बरतें।
वहीं, अगर आपकी कमाई बिजनेस, दुकान, प्रोफेशन या फ्रीलांसिंग से होती है, तो आपकी स्थिति के अनुसार अलग ITR फॉर्म लागू हो सकता है। इसके अलावा बैंक ब्याज, किराया, निवेश या अन्य स्रोतों से होने वाली आय की जानकारी भी लागू नियमों के मुताबिक देनी होती है।
Personal Details को जरूर चेक करें
e-Filing पोर्टल पर आपका नाम, PAN, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंक अकाउंट जैसी कुछ जानकारियां पहले से दिखाई दे सकती हैं।
रिटर्न आगे बढ़ाने से पहले इन सभी डिटेल्स को ध्यान से जांच लें। किसी जानकारी में गलती दिखाई दे तो उपलब्ध विकल्पों के जरिए उसे सही कर लें।
Income Details भरते समय बरतें सावधानी
ITR में अपनी आय के सभी संबंधित स्रोतों की जानकारी देना जरूरी है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी सैलरी और Form 16 की डिटेल्स जांचनी चाहिए।
अगर सैलरी के अलावा ब्याज, किराया, निवेश या किसी अन्य माध्यम से आय हुई है, तो लागू नियमों के अनुसार उसकी जानकारी भी रिटर्न में शामिल करें।
Tax Deduction की जानकारी दर्ज करें
अगर आप किसी ऐसी कटौती के लिए पात्र हैं, जिसे ITR में क्लेम किया जा सकता है, तो उसकी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें।
हालांकि, हर निवेश या खर्च पर टैक्स छूट नहीं मिलती। इसके अलावा अलग-अलग टैक्स रिजीम में नियम भी अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी deduction को क्लेम करने से पहले लागू नियमों की जांच करना जरूरी है।
Tax Calculation को ध्यान से देखें
आपके द्वारा दर्ज की गई जानकारी के आधार पर पोर्टल टैक्स से जुड़ी गणना दिखा सकता है। इसमें कुल आय, TDS, पहले से जमा टैक्स, अतिरिक्त टैक्स देनदारी और संभावित रिफंड जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
सबमिट करने से पहले इन सभी आंकड़ों को ध्यान से मिलाएं। अगर कोई जानकारी गलत है, तो रिटर्न जमा करने से पहले उसे सुधार लें।
अतिरिक्त टैक्स बन रहा है तो पहले भुगतान करें
अगर कैलकुलेशन के बाद पता चलता है कि आपकी ओर से अतिरिक्त टैक्स जमा किया जाना है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका भुगतान करें। भुगतान के बाद उससे संबंधित जानकारी को ITR में सही तरीके से अपडेट करना न भूलें।
ITR Submit करने से पहले करें पूरी जांच
रिटर्न सबमिट करने से पहले एक बार पूरी जानकारी दोबारा जांचना बेहद जरूरी है। खास तौर पर अपना नाम, PAN, बैंक अकाउंट, आय, TDS, टैक्स कैलकुलेशन और रिफंड से जुड़ी जानकारी जरूर चेक करें।
सारी जानकारी सही होने के बाद ही ITR को सबमिट करें।
ITR दाखिल करने के बाद e-Verify करना न भूलें
सिर्फ ITR सबमिट कर देना ही अंतिम चरण नहीं है। रिटर्न को e-Verify करना भी जरूरी है। Income Tax Department के पोर्टल पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन विकल्पों के जरिए इसे पूरा किया जा सकता है।
पात्र होने पर Aadhaar OTP के माध्यम से भी e-Verification किया जा सकता है। समय पर verification नहीं करने पर ITR की processing में परेशानी हो सकती है।
ITR भरने के बाद ऐसे चेक करें Status
ITR सबमिट और e-Verify करने के बाद आप अपने e-Filing अकाउंट से रिटर्न का स्टेटस देख सकते हैं।
अगर आपको टैक्स रिफंड मिलना है, तो बैंक अकाउंट की जानकारी बिल्कुल सही और validated होना जरूरी है। इसलिए ITR फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि रिफंड पाने के लिए चुना गया बैंक अकाउंट सही तरीके से दर्ज और सत्यापित है।
पहली बार ITR भरने वालों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप पहली बार ITR दाखिल कर रहे हैं, तो जल्दबाजी में कोई जानकारी दर्ज न करें। Form 16 में मौजूद डिटेल्स को ध्यान से पढ़ें और उन्हें AIS तथा Form 26AS में उपलब्ध जानकारी से मिलाएं।
इसके साथ ही सही Assessment Year चुनना भी बेहद जरूरी है। आय, TDS, बैंक डिटेल और अन्य जानकारी भरने के बाद पूरे रिटर्न की दोबारा जांच करें, ताकि किसी गलती के कारण बाद में परेशानी न हो।