8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन को छह महीने से अधिक समय हो चुका है। जैसे-जैसे देशभर में परामर्श बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है — आखिर नई सैलरी और बढ़ी हुई पेंशन कब से मिलनी शुरू होगी?
महंगाई लगातार आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है। रसोई गैस, दूध, खाद्य तेल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों के बीच अब सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीद दिखाई देने लगी है। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Manjit Singh Patel ने खास बातचीत में उस संभावित समयसीमा की जानकारी दी है, जब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत संशोधित वेतन और पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो सकता है।
कब से मिल सकती है नई सैलरी?
डॉ. मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, कर्मचारियों को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल जो स्थिति बन रही है, उसके मुताबिक अप्रैल 2027 से नई सैलरी और पेंशन लागू होने की संभावना सबसे मजबूत मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी, जबकि नवंबर 2025 में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से रिपोर्ट अप्रैल या मई 2027 तक आ सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि आयोग तय समय से कुछ महीने पहले भी अपनी सिफारिशें सौंप सकता है।
नए वित्तीय वर्ष में मिल सकता है फायदा
अगर आयोग समय से पहले रिपोर्ट सौंप देता है, तो सरकार अप्रैल 2027 यानी नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही संशोधित वेतन लागू कर सकती है। हालांकि तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते 1-2 महीने की देरी भी संभव मानी जा रही है, लेकिन मुख्य लक्ष्य अप्रैल 2027 ही माना जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों की बड़ी मांगें क्या हैं?
इस बार कर्मचारी यूनियनें महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्चों को देखते हुए सरकार के सामने कई अहम मांगें रख रही हैं। मौजूदा बैठकों में जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- उच्च फिटमेंट फैक्टर: बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा करने के लिए फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग।
- DA को बेसिक पे में शामिल करना: महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज कर नया वेतन ढांचा तैयार करने की मांग।
- जल्दी वेतन संशोधन: 10 साल के लंबे अंतराल की बजाय कम समय में वेतन संशोधन की व्यवस्था लागू करने की मांग।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा महंगाई भत्ता परिवार के बढ़ते खर्च, बच्चों की शिक्षा और इलाज जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
देशभर में जारी हैं परामर्श बैठकें
8वां वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न राज्यों में कर्मचारी यूनियनों और स्टाफ प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है।
- दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
- 18 और 19 मई को Hyderabad में चर्चा का दौर जारी है।
- अगला चरण 1 से 4 जून तक Srinagar में होगा, जबकि 8 जून को Ladakh में बैठक प्रस्तावित है।
इसके अलावा हाल ही में कैबिनेट सचिव T. V. Somanathan की अध्यक्षता में नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक भी हुई। इस बैठक में पेंशन, खाली पदों पर भर्ती, आउटसोर्सिंग और प्रमोशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विस्तार से चर्चा की गई।